शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए जमीनी स्तर पर करें कार्य

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प्रधानाचार्यों की तय होगी जवाबदेही
जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा के अधिकार के तहत जरूरतमंद बच्चों को संचालित योजना का लाभ मिल सके इसके लिए लगातार निगरानी किये जाने की आवश्यकता है। कहा कि विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने व गलत सूचनाओं को रोकने के लिए प्रधानाचार्यों की जबावदेही तय की जाएं। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए जमीनी स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में बुधवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में समग्र शिक्षा एवं प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत जिला परियोजना समिति की बैठक आयोजित की गयी। डीएम ने मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित कि नंदा गौरा योजना में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए स्कूल स्तर पर प्रधानाचार्य की मद्द से गरीब व जरूरतमंद बच्चों को स्कूल स्तर पर ही चिन्ह्ति कर उन्हें योजना की जानकारी उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनपद के 61 विद्यालय जहां पेयजल की व्यवस्था उपलब्ध नही हैं वहां जल जीवन मिशन के तहत इस माह तक पेयजल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन स्कूलों में विद्युत व्यवस्था उपलब्ध नहीं है उन्हें चिन्हित करें साथ 61 विद्यालय जहां पेयजल की व्यवस्था नही है पेयजल की व्यवस्था होने तक बच्चों को वाटर बोतल उपलब्ध करायी जाएं। उन्होंने निर्देशित कि अन्त्योदय परिवारों के बच्चों को चिन्हित कर उन्हें शिक्षा उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अपूर्वा पांडे, मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. आनन्द भारद्वाज सहित संबंधित अधिकारी, शिक्षक व कर्मचारी उपस्थित थे।

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