चार श्रम संहिताओं के विरोध में मजदूरों ने निकाली बाइक रैली

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रुद्रपुर()। चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) के विरोध में 12 फरवरी को प्रस्तावित राष्ट्रीय आम हड़ताल को सफल बनाने के उद्देश्य से श्रमिक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले सोमवार को बाइक रैली निकाली गई। रैली परशुराम चौक ट्रांजिट कैंप से शुरू होकर गांधी पार्क तक पहुंची। परशुराम चौक पर आयोजित संक्षिप्त सभा को संबोधित करते हुए संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष दिनेश तिवारी ने कहा कि केंद्र सरकार के लागू किए गए चार श्रम संहिताएं मजदूर विरोधी हैं। सरकार ने पुराने श्रम कानूनों को समाप्त कर पूंजीपतियों के हित में नए कानून लागू किए हैं, जिससे श्रमिकों का शोषण बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग पहले से ही कठिन हालात में जीवन यापन कर रहा है और नई श्रम संहिताएं उसे बंधुआ मजदूरी की ओर धकेलेंगी। सीएसटीयू के मुकुल ने कहा कि सरकार श्रम संहिताओं को आकर्षक शब्दों में प्रस्तुत कर मजदूरों को गुमराह कर रही है। पुराने 29 श्रम कानूनों में जो अधिकार मजदूरों को प्राप्त थे, उन्हें समाप्त कर चार श्रम संहिताएं लाई गई हैं। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था में स्थायी रोजगार की जगह फिक्स्ड टर्म नौकरी लागू होगी, जिससे श्रमिकों पर हमेशा नौकरी जाने का खतरा बना रहेगा। मुकुल ने कहा कि इन कानूनों के तहत यूनियन बनाकर मजदूरों का संगठित होना असंभव हो जाएगा, जिससे कंपनियों को मजदूरों का शोषण करने की खुली छूट मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि अब 300 श्रमिकों तक की नियुक्ति करने वाले उद्योग बिना राज्य सरकार की अनुमति के कभी भी बंद किए जा सकेंगे, जबकि पहले यह सीमा 100 श्रमिकों की थी। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार देश की जमीन और संसाधनों को अडानी, अंबानी जैसे बड़े पूंजीपतियों को सौंप रही है और अमृतकाल के नाम पर गैर-संवैधानिक नीतियों को कानूनी जामा पहनाया जा रहा है। इस मौके पर भाकपा(माले) के ललित मटियाली, इंकलाबी मजदूर केंद्र के दिनेश चंद्र, ऐक्टू जिला सचिव अनिता अन्ना, हरेंद्र सिंह, महेंद्र राणा, जगमोहन, पुष्कर खाती, भीम सिंह, कमल, डूंगर सिंह, धीरज जोशी, हीरा राठौर सहित दर्जनों श्रमिक मौजूद रहे।

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