तस्करी में प्रिया बनकर छाईं जोया अफरोज, कहा- इस किरदार के लिए किया हजारों किलोमीटर का सफर

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बॉलीवुड और ओटीटी की दुनिया में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं, जिनका सफर सिर्फ कामयाबी की कहानी नहीं होता, बल्कि धैर्य, सीख और लगातार आगे बढ़ने की मिसाल भी होता है। अभिनेत्री जोया अफरोज उन्हीं में से एक हैं। बतौर बाल कलाकार फिल्मों के सेट पर कदम रखने वाली जोया आज नेटफ्लिक्स की चर्चित सीरीज तस्करी में प्रिया के मजबूत और जटिल किरदार के लिए सराहना बटोर रही हैं। तस्करी को न सिर्फ देश में, बल्कि ग्लोबल लेवल पर भी पहचान मिल रही है और यह जोया के करियर का एक अहम पड़ाव बन चुका है। जोया अफरोज ने कहा, मैंने अपने करियर की शुरुआत बहुत कम उम्र में की थी। सूरज बड़जात्या की फिल्म हम साथ-साथ हैं के सेट पर काम शुरू किया और इसके बाद रमेश सिप्पी, रोहन सिप्पी जैसे दिग्गज निर्देशकों के साथ भी काम किया।
जोया ने बताया कि फिल्म कुछ ना कहो समेत कई प्रोजेक्ट्स में नजर आने के बाद उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट और मॉडल खूब अनुभव हासिल किया। इसके बाद मिस इंडिया बनने और मिस इंटरनेशनल में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला, लेकिन अभिनय हमेशा पहली पसंद रहा।
जोया ने कहा, इतनी छोटी उम्र में काम शुरू करने का फायदा यह रहा कि मुझे इंडस्ट्री को बहुत करीब से समझने का मौका मिला। बड़े निर्देशकों और कलाकारों के साथ काम करके मैंने अभिनय की बारीकियां सीखीं। सफर भले ही लंबा रहा हो, लेकिन बेहद संतोषजनक रहा है। आज तस्करी जैसी ओटीटी सीरीज का हिस्सा बनना और उसका नंबर वन होना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।
तस्करी में जोया ने प्रिया का किरदार निभाया है, जो एक एयर होस्टेस है और कस्टम अधिकारियों और तस्करों की दुनिया के बीच फंसी हुई है। यह किरदार चुनौतीपूर्ण है। जोया ने कहा, यह रोल मुझे इसलिए खास लगा, क्योंकि निर्देशक नीरज पांडे महिला किरदारों को बेहद मजबूती और गहराई के साथ लिखते हैं। प्रिया कोई साधारण महिला पात्र नहीं है, बल्कि कहानी को आगे बढ़ाने वाली अहम कड़ी है।
इस प्रोजेक्ट के साथ जुड़ने का अनुभव साझा करते हुए जोया ने कहा, जब मुझे तस्करी का ऑफर मिला, तब मैं असम में अपने ननिहाल में थी। अचानक कॉल आया। मैंने बिना किसी गारंटी के तुरंत बैग पैक किया और हजारों किलोमीटर का सफर तय कर ऑडिशन के लिए पहुंचीं। उसी दिन मेरा लुक टेस्ट हुआ और मुझे फाइनल कर लिया गया। अगले ही दिन वर्कशॉप और फिर शूटिंग शुरू हो गई। नीरज पांडे जैसे नेशनल अवॉर्ड विजेता निर्देशक का ऐसा भरोसा मेरे लिए बेहद प्रेरणादायक अनुभव रहा।
उनके लिए सीरीज का सबसे चुनौतीपूर्ण सीन इमरान हाशमी के साथ इंटेरोगेशन का था, जो उनका पहला शूटिंग सीन भी था। उन्होंने कहा, पहली ही सुबह, पहला शॉट और इतना इमोशनल सीन था कि मैं काफी नर्वस हो गई थी, लेकिन आज वही सीन दर्शकों को सबसे ज्यादा पसंद आ रहा है।
इमरान हाशमी के साथ काम करने के अनुभव पर जोया ने कहा, वह बेहद सहज, समझदार और जमीन से जुड़े अभिनेता हैं। सेट पर उनकी मौजूदगी सीन को और बेहतर बना देती है। नीरज पांडे और इमरान हाशमी की जोड़ी बेहद रियल है। दोनों ही कहानी और किरदारों में सच्चाई लाते हैं।
अपने करियर को लेकर जोया ने कहा, मैं खुद को कभी अलग-अलग रास्तों में नहीं बांधती। मेरे लिए अभिनय, मिस इंडिया और फिर अभिनय में वापसी, सब एक ही सफर का हिस्सा है। तस्करी मेरे करियर की बड़ी उपलब्धि है और आगे भी मैं ऐसे ही दमदार किरदार निभाना चाहती हूं।

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