दूर होगी पढ़ाई की दूरी, तिलधारखाल-माला में इंटर की मंजूरी

Spread the love

यमकेश्वर। विकासखंड यमकेश्वर के ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के लिए लंबे समय से चली आ रही पढ़ाई की दूरी अब खत्म होने जा रही है।
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिलधारखाल और राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय माला को इंटरमीडिएट स्तर तक उच्चीकृत करने के शासनादेश जारी हो गए हैं। दोनों विद्यालयों को इंटर की मान्यता मिलने से अब गांव के बच्चों को 10वीं के बाद पढ़ाई जारी रखने के लिए आठ से 10 किलोमीटर दूर दूसरे विद्यालयों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
इससे खासकर उन छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी जिनके लिए विद्याालय की दूरी आगे की पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा बन जाती थी।
माला विद्यालय में वर्तमान में करीब 50 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। हाईस्कूल के बाद यहां के विद्यार्थियों को इंटर की पढ़ाई के लिए करीब आठ किलोमीटर दूर गैंडखाल इंटर कॉलेज या टिहरी जिले के गूलर इंटर कॉलेज जाना पड़ता था। पहाड़ी क्षेत्र में दूरी और आवागमन की कठिनाइयों के कारण कई विद्यार्थियों के लिए आगे की पढ़ाई जारी रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता था। कुछ छात्र-छात्राओं को पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती थी जबकि कई परिवार बच्चों को आगे की शिक्षा के लिए शहरों की ओर भेजने को मजबूर होते थे। तिलधारखाल विद्यालय का भी क्षेत्र में पुराना शैक्षिक इतिहास रहा है।
15 गांवों का एकमात्र सहारा तिलधार विद्यालय
तिलधारखाल विद्यालय करीब 15 गांवों के बच्चों की शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। पम्बा, पनियाली, टोला, जिमराड़ी, तिलधार, बलोदी, जामल, कुलेथ, खरदूणी, पोखरी, भड़ैत, सैंज और घयाला समेत आसपास के गांवों के बच्चे यहां पढ़ते हैं। 10वीं के बाद विद्यार्थियों को 10 से 15 किमी दूर जाना पड़ता था। दूरी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण खासकर कई छात्राओं की पढ़ाई छूट जाती थी।
लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने पर ग्रामीणों में खुशी की लहर है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *