अनामिका की मौत के बाद संबंधित विभागों पर कार्रवाई की उठी मांग
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : शहर में मानकों के विपरीत बनाए गए स्पीड ब्रेकर और सड़कों पर बने गड्ढों को लेकर लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। अनामिका की सड़क हादसे में मौत के बाद बेरोजगार संघ के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने पुलिस क्षेत्राधिकारी को तहरीर सौंपकर संबंधित विभागों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।

बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल के नेतृत्व में लोग पुलिस क्षेत्राधिकारी अस्मिता ममगाईं से मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि कोटद्वार शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर बिना मानकों का पालन किए स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। कई ब्रेकर इतने ऊंचे हैं कि वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों ने कहा कि शुक्रवार को अनामिका की मौत भी सड़क की ऐसी ही अव्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। उनका कहना था कि इससे पहले भी स्पीड ब्रेकर और गड्ढों के कारण कई लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं। मानपुर क्षेत्र में भी स्पीड ब्रेकर की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत का मामला सामने आ चुका है। आरोप लगाया कि चिल्लरखाल से लेकर कोटद्वार के विभिन्न हिस्सों तक कई स्पीड ब्रेकर निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं हैं। अधिकांश स्थानों पर वाहन चालकों को पहले से सचेत करने के लिए चेतावनी संकेतक नहीं लगाए गए हैं। वहीं कई स्पीड ब्रेकरों पर सफेद रंग या चूने से मार्किंग तक नहीं की गई है। ऐसे में रात के समय ब्रेकर दिखाई नहीं देने से हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। लोगों ने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़ी खामियों को दूर करने के बजाय संबंधित विभागों की ओर से लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने मांग की कि हादसों के लिए जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और शहर में मानकों के अनुरूप स्पीड ब्रेकर बनाए जाने के साथ सड़कों के गड्ढों को भी तत्काल भरा जाए। इस मौके पर रमेश भंडारी, शिवानंद लखेड़ा, मनमोहन खंतवाल सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।