देहरादून :नेशनल डॉक्टर्स डे के अवसर पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित ‘‘पांचवें डॉक्टर ऑफ़ द ईयर’’ सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करेगी। इन सेंटर्स के माध्यम से राज्य के चिकित्सकों को भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने अपने संबोधन में कहा कि 2026 के अंत तक सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सभी रिक्त पदों में नियुक्ति हो जाएगी। साथ ही पदोन्नति को भी शत प्रतिशत पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टर्स का एक अलग से काडर बनाया जाएगा। उन्होंने सभी चिकित्सकों को स्ट्रेस फ्री लाइफस्टाइल अपनाने की सलाह दी। उन्होंने सभी मेडिकल कॉलेज को योग और मेडिटेशन के माध्यम से चिकित्सकों एवं मेडिकल छात्रों को मानसिक रूप से स्वस्थ रहकर देश और समाज की सेवा का आव्हान किया। मुख्य अतिथि स्वास्थ्य मंत्री सुबोध ने पूरे प्रदेश से चयनित 32 उत्कृष्ट डॉक्टर को इस वर्ष का ‘‘डॉक्टर ऑफ़ द ईयर’’ अवार्ड प्रदान किया। तीन डॉक्टर्स को आउटस्टैंडिंग लीडरशिप अवॉर्ड तथा तीन डॉक्टर्स को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अध्यक्ष उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो (डॉ.) भानु दुग्गल ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य का इतना व्यवसायीकरण नहीं होना चाहिए कि समाज का एक तबका इसका लाभ ही ना ले सके। भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ जे. एन. नौटियाल ने स्वस्थ जीवन एवं सफल इलाज में आयुष चिकित्सा के महत्व को रेखांकित किया। स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति, डॉ. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश के मेडिकल कॉलेजों में नए डॉक्टरों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर गीता जैन ने आज के दिन के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया की किस तरह से देश में राष्ट्रीय चिकित्सा दिवस की शुरुआत हुई। इससे पूर्व अपने स्वागत संबोधन में कार्यक्रम के आयोजक एवं दिव्या हिमगिरि के संपादक कुंवर राज अस्थाना ने कार्यक्रम के विषय के बारे में बताया और इस वर्ष चयनित डॉक्टरों की प्रक्रिया और पूर्व के कार्यक्रमों के बारे में बताया।तथा धन्यवाद ज्ञापन एचएनबी उत्तराखंड मेडिकल एजुकेशन यूनिवर्सिटी के डीन एमके पंत ने दिया। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने डॉ योगेश्वरी को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो (डॉ.) भानु दुग्गल ने की। इसके साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में कपकोट के विधायक सुरेश गड़िया, उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अरुण त्रिपाठी, स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ राजेंद्र डोभाल, दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ गीता जैन, भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ जे. एन. नौटियाल भी मंचासीन थे। कार्यक्रम के अंत में दून राजकीय मेडिकल कालेज की प्राचार्या गीता जैन एवं कार्यक्रम के संयोजक डॉ कुँवर राज अस्थाना ने मंचासीन सभी अतिथियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।