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कश्मीर: घुसपैठ की फिराक में पाकिस्तानी आतंकवादी, सुरक्षा एजेंसियों ने जारी किया अलर्टय सुरक्षा सख्त

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श्रीनगर, एजेंसी। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर आतंकवादियों द्वारा मुठभेड़ और घुसपैठ की कोशिशों को लेकर चेतावनी जारी की है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों बताया है कि खतरे के आकलन को ध्यान में रखते हुए देश के सबसे बड़े खुफिया इनपुट शेयरिंग प्लेटफर्म ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और सेना दोनों को अपनी निगरानी बढ़ाने के लिए कहा है।
वहीं, सेना का कहना है कि नियंत्रण रेखा पर शून्य घुसपैठ हुई है। हालांकि, डेटा दिखाता है कि इस क्षेत्र में सक्रिय पाकिस्तानी यानी विदेशी आतंकवादियों की संख्या स्थानीय लोगों की तुलना में कहीं अधिक है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले पर हाल ही में जम्मू और कश्मीर में एक बैठक में भी चर्चा की गई थी।
सरकारी आंकड़े बताते हैं कि जम्मू-कश्मीर में सक्रिय माने जाने वाले 141 आतंकवादियों में से 81 विदेशी हैं और 59 स्थानीय हैं। आंकड़ों में यह भी कहा गया है कि साल के पहले छह महीनों के दौरान विभिन्न समूहों से जुड़े 125 आतंकवादी मारे गए हैं। और इनमें से 34 विदेशी मूल के थे।
सूत्रों ने कहा कि हाल ही में कुपवाड़ा-केरन सेक्टर से एक बड़े समूह के घुसपैठ के बाद मुख्यालय में यह मुद्दा उठाया गया था। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ष्यह एक स्थापित मार्ग है। इस क्षेत्र के आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता का स्तर बढ़ा दिया गया है।ष् उनके अनुसार, सेना द्वारा शून्य घुसपैठ का दावा जम्मू-कश्मीर में सक्रिय और मारे गए विदेशी आतंकवादियों की उच्च संख्या के अनुरूप नहीं है।
एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने का अनुरोध करते हुए कहा, ष्यदि घुसपैठ का स्तर शून्य होता तो आतंकवादियों की लन्चपैड्स पर संख्या बढ़ जाती। लेकिन वे लगातार 300 के करीब बने रहे।ष्
इस बीच जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बारामूला-उरी सेक्टर में सुरक्षा जांच के स्तर को बढ़ा दिया है क्योंकि इनपुट से पता चलता है कि आतंकवादी इस मार्ग का उपयोग कश्मीर घाटी में घुसपैठ करने के लिए कर सकते हैं। एक अधिकारी ने कहा, ष्घुसपैठ का ध्यान अब काफी हद तक पीर पंजाल के दक्षिण में स्थानांतरित हो गया है।

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