क्वारंटाइन सेंटरों में हो रहे हादसों पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
संवाददाता, देहरादून। क्वारंटाइन सेंटरों में हो रहे हादसों पर कांग्रेस ने सरकार पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने शुक्रवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को पत्र भेजकर क्वारंटाइन सेंटरों में मारे गए लोगों के आश्रितों को दस-दस लाख रुपये देने की मांग की। साथ ही सुझाव दिया कि प्रवासियों के लिए गांवों के बजाए बेस कैंप और जिला, तहसील, ब्लॉक मुख्यालय में क्वारंटाइन व्यवस्था की जाए। प्रीतम ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार राज्य सरकार प्रवासियों को वापस ला रही है। प्रवासियों को गांव के स्कूलों में बने अस्थायी क्वारंटाइन सेंटर में रखा जा रहा है। लेकिन इन सेंटर में पर्याप्त सुविधाएं नहीं है। पीने का साफ पानी और शौचालय तक पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। अभी हाल में नैतीताल के बेतारघाट में एक चार साल की बच्ची की सांप के काटने से मौत हो चुकी हैं। पौडी गढ़वाल, नैनीताल, चंपावत, उत्तकाशी में इन बंदइंतजामियों की वजह से चार लोगों की मौतें हुई हैं। द्वारीखाल में आत्महत्या करने के मामला भी सामने आया है। ये सभी घटनाएं सरकारी सिस्टम की लापरवाही और क्वारंटाइन सेंटरों की दुर्दशा को साबित करने को काफी हैं। इनकी वजह से लोगों को अपनी जान गवांनी पड़ रही है। प्रीतम ने सीएम ने मांग की कि तत्काल प्रवासियों के लिए बेस कैंपों में क्वारंटाइन की व्यवस्था की जाए। बेस कैंप में संख्या बढ़ने पर जिला, तहसील, ब्लॉक मुख्यालय में क्वारंटाइन कैंप बनाएं जाएं। इससे कोरोना संक्रमण से ज्यादा प्रभावी ढंग से लड़ा जा सकेगा।
अपने जीवन की सुरक्षा की उम्मीद में घर लौटे प्रवासी भाईयों को क्वारंटाइन सेंटरों में नारकीय हालात से जूझना पड़ रहा है। सरकार ने अपनी जिम्मेदारी को ग्राम प्रधानों पर थोप दिया है। यह सरकार की संवेदनहीनता है। सरकार क्वारंटाइन सेंटरों में मौत का शिकार बने लोगों के आश्रितों को दस-दस लाख रुपये दे। – प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष-कांग्रेस