जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : समाजसेवा एवं शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय डॉ. गौरव जोशी ने पंडित मदन मोहन मालवीय के शैक्षिक विचारों का नई शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में अध्ययन कर डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की उपाधि सफलता पूर्वक अर्जित की है। उन्हें यह उपाधि हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय, पोखड़ा से प्राप्त हुई है। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। शुभचिंतकों एवं परिचितों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

अपनी इस उपलब्धि पर डॉ. गौरव जोशी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वह अपने पित्रों के आशीर्वाद, माता-पिता एवं धर्मपत्नी के सहयोग और गुरुजनों के मार्गदर्शन से इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने अपने शोध पर्यवेक्षक डॉ. पचौरी, डॉ. एम.के. वर्मा, पीएचडी डीन शैलेश सर, गाइड डॉ. सारिका गोयल के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शोध की इस यात्रा में गुरुजनों के मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं, भाबर दुर्गापुर स्थित ज्ञान सरोज अकादमी के संचालक धर्मेश खंतवाल ने डॉ. गौरव जोशी को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मनुष्य के भीतर सकारात्मक विचारों का निर्माण करती है और जीवन को सही दिशा प्रदान करती है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना या शिक्षित होना नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व, विचारों और सामाजिक दायित्वों का विकास करना भी है। उन्होंने कहा कि पंडित मदन मोहन मालवीय के शैक्षिक विचार आज भी प्रासंगिक हैं। ऐसे विचारों का नई शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में अध्ययन करना शिक्षा के व्यापक उद्देश्यों को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि डॉ. गौरव जोशी अपने ज्ञान, अनुभव और शोध के माध्यम से समाज एवं शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देते रहेंगे।