जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : सहायता प्राप्त जूनियर विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का वेतन बजट जारी नहीं होने से शिक्षक संघ में आक्रोश है। सितंबर 2026 से फरवरी 2027 तक का वेतन बजट शासन स्तर पर लंबित होने के कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वेतन नहीं मिलने से बैंक ऋण की किस्तें, घरेलू खर्च और बच्चों की शिक्षा से जुड़े दायित्व प्रभावित हो रहे हैं।

इस समस्या को लेकर उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ ने ऑनलाइन बैठक आयोजित कर शासन के प्रति नाराजगी जताई। बैठक में प्रांतीय महामंत्री डॉ. महावीर सिंह बिष्ट ने बताया कि वेतन बजट जारी करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा गया है। इसके माध्यम से शिक्षकों एवं कर्मचारियों की आर्थिक परेशानियों से अवगत कराते हुए लंबित बजट तत्काल जारी करने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। प्रांतीय अध्यक्ष मेजर स्वतंत्र मिश्रा ने कहा कि यदि शीघ्र वेतन बजट जारी नहीं किया गया तो वह स्वयं मुख्यमंत्री से मुलाकात कर शिक्षकों की समस्या उठाएंगे। प्रांतीय उपाध्यक्ष अजय बिष्ट ने बजट जारी करने में हो रही देरी को प्रशासनिक नाकामी बताते हुए कहा कि शिक्षकों और कर्मचारियों को अपने ही वेतन के लिए बार-बार शासन का ध्यान आकर्षित करना पड़ रहा है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। मंडलीय अध्यक्ष संजय रावत ने कहा कि अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के वेतन बजट में हर वर्ष होने वाली देरी का स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। इसके लिए राजकीय विद्यालयों की तर्ज पर सहायता प्राप्त विद्यालयों के लिए भी केंद्रीकृत बजट व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। बैठक में पौड़ी गढ़वाल के जिलाध्यक्ष भारत बिष्ट, जिला मंत्री संदीप रावत, अनिल चमोली, कीरत नेगी, राजेश सैनी, सुरेंद्र रावत और अवधेश सेमवाल सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।