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चिन्हित राज्य आंदोलनकारी महिलाएं फिर चढ़ी पेड़ पर, तबियत खराब होने पर 10 घंटे बाद एक उतरी

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जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी। जनपद मुख्यालय पौड़ी में चिन्हित आंदोलनकारी दो महिलाएं एक बार फिर पेड़ पर चढ़ गई। एक सप्ताह पूर्व भी दो महिलाएं पेड़ पर चढ़ी थी जो बाद में प्रशासन के आश्वासन पर उतरी थी। प्रशासन ने एक आंदोलनकारियों की मांग पर कार्यवाही के लिए एक सप्ताह का समय दिया था। निर्धारित समयावधि में कोई कार्यवाही न होने पर आंदोलनकारी महिलाएं फिर पेड़ पर चढ़ गई। मौके पर पहुंचे पुलिस व प्रशासन ने आंदोलित महिलाओं को मनाने के कई प्रयास किए, लेकिन वे लिखित समाधान पर अड़ी रही। शाम पांच बजे स्वास्थ्य में गिरावट आने पर एक आंदोलित महिला पेड़ से उतरी, उन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय पौड़ी में भर्ती किया गया। आंदोलनकारी महिलाओं ने कहा कि प्रशासन उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
शुक्रवार को जिला मुख्यालय पौड़ी में सुबह करीब 7 बजे आंदोलनकारी महिला सुषमा भंडारी व कांति देवी डीएम कार्यालय परिसर के बाहर देवदार के पेड़ पर चढ़ गई। साथी आंदोलनकारी महिलाओं ने धारा रोड पर जाम लगा दिया। आंदोलनकारी महिलाओं ने प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। एसडीएम सदर एसएस राणा ने आंदोलनकारी महिलाओं से उनकी समस्याओं के समाधान के लिए 15 दिन का समय दिए जाने की अपील की। लेकिन आंदोलनकारी महिलाओं ने सिरे से नकार दिया। इस दौरान एडीएम डा. एसके बनवाल व एसडीएम सदर एसएस राणा से कई दौर की वार्ता आंदोलनकारी महिलाओं से हुई, लेकिन आंदोलनकारी पेंशन व चिन्हितीकरण की मांग के समाधान पर अड़े रहे। हालांकि सुषमा भंडारी की तबियत बिगड़ने पर करीब शाम पांच बजे वह पेड़ से उतरी। उन्हें उपचार के लिए जिला चिकित्सालय पौड़ी में भर्ती किया गया। वहीं दूसरी आंदोलनकारी कांति देवी पेड़ पर ही चढ़ी रही। पूर्व में 12 जनवरी को कांति देवी व रेवती देवी मांगों के समाधान को लेकर पेड़ पर चढ़ी थी। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति की प्रदेश महासचिव बीरा भंडारी ने कहा कि जनपद पौड़ी में 139 चिन्हित राज्य आंदोलनकारियों को पेंशन नहीं दी जा रही है। 824 आंदोलनकारियों ने चिन्हिकरण के लिए आवेदन किया है। लेकिन शासन-प्रशासन ने फाइल दबाकर रखी है। उन्होंने कहा 115 दिनों से आंदोलन किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन उनकी उपेक्षा ही कर रहा है। 12 जनवरी को प्रशासन ने एक सप्ताह का समय समस्याओं के समाधान के लिए मांगा था। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं कही। जब आज फिर आंदोलनकारी पेड़ पर चढ़ गई तो प्रशासन प्रशासन फिर से 15 दिनों की मांग कर रहा है। उन्होंने कहा कि समस्याओं का समाधान नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान कोतवाल विनोद गुसाईं, आंदोलनकारी युद्धवीर सिंह रावत, झाबर सिंह रावत, रीना चौहान, सावित्री देवी, कमला रावत, शकुंतला देवी, पीतांबरी देवी सहित अन्य महिलाएं शामिल रही।

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