एडहॉक सरकार, बंद ट्रेज़री और आपसी कलह, हिमाचल में कांग्रेस ने व्यवस्था को पूरी तरह पटरी से उतारा : नड्डा

Spread the love

शिमला , भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने अभिनंदन रैली को संबोधित करते हुए अपने वक्तव्य की शुरुआत माँ तारा देवी, जाखू मंदिर के आराध्य बजरंग बली के आशीर्वाद के साथ की। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक सभा नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराने का अवसर है। नड्डा ने कहा कि बिहार में मिली ऐतिहासिक और बंपर जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति बिहार की जनता के अटूट विश्वास का प्रमाण है। बिहार की माताओं-बहनों, युवाओं, किसानों और श्रमिकों ने एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों और नेतृत्व पर मुहर लगाई है। उन्होंने कहा कि बिहार का यह जनादेश पूरे देश को स्पष्ट संदेश देता है कि जो लोग घुसपैठियों के सहारे राजनीति करना चाहते हैं, उनके लिए देश में कोई स्थान नहीं है। नड्डा ने कहा कि कितनी भी यात्राएं क्यों न निकाली जाएं, जनता घुसपैठ और उनके समर्थकों को बाहर का रास्ता दिखाने का काम करेगी। जेपी नड्डा ने हिमाचल प्रदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों के दौरान उन्होंने हिमाचल की जनता से स्पष्ट कहा था कि कांग्रेस को सत्ता में लाने की गलती न करें, क्योंकि हिमाचल के विकास का एकमात्र रास्ता डबल इंजन की सरकार है।
उन्होंने कहा कि यहां बैठे लोग हिमाचल को आगे बढ़ते देखना चाहते हैं, जबकि कांग्रेस की राजनीति केवल “खाओ, पीयो और मौज करो” तक सीमित है। कांग्रेस भविष्य की नहीं, केवल सत्ता सुख की राजनीति करती है, इसलिए भाजपा और कांग्रेस की सोच का मेल संभव ही नहीं है।
नड्डा ने संगठनात्मक मजबूती पर बल देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट निर्देश है कि पार्टी के कार्यालय आधुनिक हों और विचार-विमर्श व मंथन के केंद्र बनें। उन्होंने बताया कि देशभर में 787 भाजपा कार्यालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से 617 कार्यालय पूरे हो चुके हैं और हिमाचल प्रदेश में 9 कार्यालय बन चुके हैं, जबकि शेष पर तेजी से कार्य चल रहा है। उन्होंने भाजपा की कार्यशैली को परिभाषित करते हुए ‘5 कÓ—कार्यकर्ता, कार्यक्रम, कोर्स, कोष और कार्यालय—पर विशेष जोर दिया।
नड्डा ने कहा कि भाजपा के कार्यालय केवल इमारतें नहीं, बल्कि संस्कार केंद्र हैं, जहां से जनता की सेवा कर देश को आगे बढ़ाने और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया जाता है। नड्डा ने कहा कि देश की राजनीति 11 वर्ष पहले पूरी तरह बदल गई। पहले केंद्र सरकार बनती थी और फिर वह किसी एक वर्ग, परिवार, जाति या मजहब तक सीमित हो जाती थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने देश की राजनीति की दिशा ही बदल दी। अब देश में “एक की बात, एक सरकार” की राजनीति है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं को प्रधानमंत्री नहीं, बल्कि देश का प्रधानसेवक मानते हैं। कर्तव्य पथ और कर्तव्य भवन इसी बदली हुई राजनीति का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार रिपोर्ट कार्ड की सरकार है—जो कहा वह किया और जो नहीं कहा वह भी करके दिखाया। इसके विपरीत यूपीए सरकार की राजनीति जातिवाद, तुष्टीकरण और भाई-भतीजावाद पर आधारित थी, जबकि भाजपा की राजनीति जवाबदेही और सुशासन की राजनीति है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *