कमर तोड़ रहा वैकल्पिक मार्ग, धूल व मिट्टी भी बनी चुनौती

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मालन नदी पर लोक निर्माण विभाग की ओर से बनाया गया है वैकल्पिक मार्ग
लोगों की शिकायत के बाद भी मार्ग मरम्मत की सुध नहीं ले रहा लोक निर्माण विभाग
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : मालन नदी का पुल ढहने के बाद भले ही लोक निर्माण विभाग ने वैकल्पिक मार्ग का निर्माण किया हो। लेकिन, यह मार्ग भी वाहन चालकों के लिए एक चुनौती बन गया है। एक ओर जहां मार्ग पर बने गड्ढे दोपहिया वाहन चालकों की कमर तोड़ रहे हैं। वहीं, धूल व मिट्टी से आंखों को भी नुकसान पहुंच रहा है। क्षेत्रवासियों ने लोक निर्माण विभाग से मार्ग मरम्मत करवाने की मांग की है।
वर्षाकाल में मालन नदी का पुल ढहने के बाद कोटद्वार को भाबर क्षेत्र से जोड़ना एक चुनौती बन गई थी। इसके बाद लोक निर्माण विभाग ने तल्ला मोटाढांक-बेलगिरी आश्रम से वैकल्पिक मार्ग तैयार किया। इससे बाजार से भाबर को जाने व आने वाले वाहनों को काफी राहत मिली। मार्ग का सबसे अधिक फायदा औद्योगिक इकाईयों को जाने वाले भारी वाहनों को मिला। लेकिन, वर्तमान में यह मार्ग पूरी तरह बदहाल हो चुका है। तल्ला मोटाढांक से वैकल्पिक मार्ग की ओर सड़क के गड्ढे वाहन चालकों की कमर तोड़ रहे हैं। सबसे अधिक समस्याओं का सामना दोपहिया वाहन चालकों को हो रहा है। मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही से उड़ रही धूल दम घोट रही है। डेढ़ किलोमीटर का यह मार्ग पार करना एक चुनौती बन गई है।

मार्ग पर बिछाया जाएं डामर
यातायात को बेहतर बनाने के लिए क्षेत्रवासियों ने वैकिल्पक मार्ग के डामरीकरण की मांग की है। कहा कि इससे क्षेत्रवासियों को गड्ढे व धूल से काफी निजात मिलेगी। मार्ग से बच्चों व बुजुर्गों को ले जाने में सबसे अधिक परेशानी होती है। वहीं, रात के समय मार्ग पर अंधेरा छा जाता है। जिससे जंगली जानवरों का भी खतरा बना रहता है। ऐसे में मार्ग के दोनों ओर पर्याप्त स्ट्रीट लाइटें लगवाई जानी चाहिए।

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