-कहा- काम में रोड़ा डालकर घुसपैठियों को बचाने की कोशिश हो रही है
कोलकाता/नई दिल्ली, मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) को लेकर बंगाल में जहां सत्तरुढ़ तृणमूल सरकार व चुनाव आयोग के बीच तनातनी है। सीएम ममता बनर्जी ने उक्त मामले पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को एक पत्र लिखकर एसआईआर को खतरनाक बताया है। इसी बीच गृह मंत्री अमित शाह ने एसआईआर प्रक्रिया पर जोर देते हुए कहा कि यह प्रक्रिया देश के लिए जरूरी है।
उन्होंने एक्स पर लिखा, भारत में घुसपैठ को रोकना न केवल देश की सुरक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को प्रदूषित होने से बचाने के लिए भी घुसपैठ को रोकना जरूरी है। मगर दुर्भाग्य की बात है, कुछ राजनीतिक दल इन घुसपैठियों को बचाने के लिए यात्रा लेकर निकले हैं, और चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची में जो शुद्धिकरण का काम हो रहा है, उसके खिलाफ हैं। अमित शाह की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उस बयान के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को खतरनाक बताया था। बहरहाल जो भी बता के कि, ममता बनर्जी ने कहा कि अधिकांश बी.एल.ओ. प्रशिक्षण की कमी, सर्वर विफलताओं और बार-बार डेटा बेमेल होने के कारण ऑनलाइन फॉर्म भरने में संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस स्पीड से यह लगभग तय है कि 4 दिसंबर तक विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाता डेटा को अपेक्षित सटीकता के साथ अपलोड नहीं किया जा सकेगा।