आश्वासन के बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर जताया रोष
एक सप्ताह के भीतर समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। पिछले कई दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर डटी आंगनबाड़ी व भोजनमाताओं ने सोमवार को सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ आक्रोश रैली निकाली। आंगनबाड़ी व भोजनमाताओं ने जल्द समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर प्रदेश स्तरीय आंदोलन की चेतावनी दी है।
सोमवार को नजीबाबाद रोड से आक्रोश रैली निकालते हुए आंगनबाड़ी व भोजनमाताएं तहसील परिसर में पहुंची। यहां आयोजित सभा को संबोधित करते हुए प्रगतिशील भोजनमाता संगठन की सदस्य कमला धस्माना ने बताया कि भोजनमाताएं पूरी ईमानदारी के साथ अपने कार्यो का निर्वहन कर रही हैं। बावजूद इसके सरकार उनकी अनदेखी करने में लगी है। कहा कि सरकार की ओर से भोजनमाताओं के लिए केवल ढाई घंटे काम करने का शासनादेश जारी किया गया था, लेकिन भोजन माताओं से निर्धारित समय से अधिक कार्य करवाया जा रहा है। कहा कि कई विद्यालय में अब भी परंपरागत तरीके से चूल्हे पर लकड़ियों से खाना बनाया जा रहा है। ऐसे में भोजनमाताओं की आंखों और फेफड़ों के लिए खतरा बना रहता है। संगठन का आरोप है कि पर्वतीय क्षेत्रों में पर्याप्त छात्र होने के बाद भी भोजन माताओं को उनके काम से हटाया जा रहा है। संगठन ने सरकार से भोजनमाताओं को केवल ढाई घंटे काम करवाने, लकड़ी के बजाय विद्यालयों को गैर चूल्हे उपलब्ध करवाने व काम से निकाली गई भोजन माताओं को दोबारा रखने की मांग की है। वहीं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने कहा कि वह अपना मानदेय बढ़ाने के लिए पिछले कई दिनों से धरने पर डटी हुई हैं, लेकिन सरकार सुध लेने को तैयार नहीं है। आंगनबाड़ली ने उनका मानदेय 18 हजार रुपये प्रति माह करने की मांग की है। इस मौके पर रंजना देवी, ममता देवी, कमला देवी, शकुंतला, नेहा, रेखा,गुड्डी, सुधा, निर्मला, गीता, अनीता, बबली, प्रभा देवी, उपस्थित रहे।