मोली। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मैठाणा के पास एक बार फिर सड़क धंसने की घटना सामने आई है। सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंसने से हाईवे पर आवाजाही प्रभावित हुई और इस दौरान एक ट्रक धंसे हुए हिस्से में फंस गया। घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। मानसून और चारधाम यात्रा के बीच हाईवे के इस संवेदनशील हिस्से में बार-बार हो रहे भू-धंसाव ने यात्रियों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मैठाणा क्षेत्र में सड़क धंसने की समस्या नई नहीं है। बरसात के दौरान इस हिस्से में भू-धंसाव की स्थिति सामने आती रही है। सड़क का हिस्सा धंसने के बाद वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी हो जाती है। भारी वाहनों के गुजरने से स्थिति और गंभीर होने की आशंका बनी रहती है। ताजा घटना में ट्रक के सड़क के धंसे हिस्से में फंसने से मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ।
करोड़ों रुपये के उपचार के बाद भी समस्या बरकरार
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस स्थान पर बार-बार सड़क धंस रही है, वहां पूर्व में उपचार और मरम्मत के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं हो पा रहा है। सड़क दोबारा धंसने से पहले किए गए कार्यों की गुणवत्ता और उनकी प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होते ही इस क्षेत्र में सड़क की स्थिति बिगड़ने लगती है। उनका आरोप है कि भू-धंसाव के मूल कारणों का स्थायी उपचार करने के बजाय कई बार सड़क की ऊपरी सतह की मरम्मत तक ही कार्रवाई सीमित रह जाती है। ऐसे में हर मानसून में सड़क धंसने का खतरा बना रहता है।
चारधाम यात्रा के बीच बढ़ी परेशानी
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग उत्तराखंड के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। बदरीनाथ धाम की यात्रा के साथ ही यह मार्ग स्थानीय ग्रामीणों, व्यापारियों और आवश्यक सेवाओं के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। यात्रा सीजन के दौरान इस मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में सड़क का बार-बार धंसना यातायात के साथ-साथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है। मानसून के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और भू-धंसाव का खतरा बढ़ जाता है। यदि संवेदनशील स्थानों की समय रहते निगरानी और आवश्यक उपचार नहीं किया गया तो सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में यातायात लंबे समय तक प्रभावित हो सकता है।
स्थायी उपचार और गुणवत्ता जांच की मांग
मैठाणा में दोबारा सड़क धंसने के बाद स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले का गंभीरता से संज्ञान लेने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मौके का तकनीकी निरीक्षण कर सड़क धंसने के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाना चाहिए।
इसके साथ ही पूर्व में किए गए उपचार एवं मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग भी उठ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले किए गए कार्यों के बावजूद उसी स्थान पर बार-बार सड़क धंस रही है तो इसकी तकनीकी समीक्षा जरूरी है।
लोगों ने मांग की है कि मैठाणा के संवेदनशील हिस्से में केवल तत्काल मरम्मत के बजाय भू-धंसाव के कारणों का वैज्ञानिक अध्ययन कर स्थायी उपचार किया जाए। साथ ही मानसून के दौरान इस हिस्से की लगातार निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि सड़क की स्थिति बिगड़ने से पहले आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
बदरीनाथ हाईवे पर लगातार बढ़ते यातायात और चारधाम यात्रा के बीच सड़क की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। सड़क धंसने की घटनाओं को केवल सामान्य मानसूनी समस्या मानकर नजरअंदाज करना भविष्य में भारी पड़ सकता है। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां पहले भी उपचार किया जा चुका हो और फिर से भू-धंसाव सामने आ रहा हो, वहां स्थायी समाधान की जरूरत है।
मैठाणा की ताजा घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बाद भी यदि सड़क उसी स्थान पर बार-बार धंस रही है तो आखिर समस्या का स्थायी समाधान कब होगा। अब लोगों की नजर संबंधित विभाग की कार्रवाई और सड़क के स्थायी उपचार पर है।