चमोली : चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश से ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे सोमवार को चटवापीपल और बंदरखंड के पास बाधित हो गया, जिससे स्थानीय लोगों सहित बदरीनाथ व हेमकुंड जाने वाले तीर्थयात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। दूसरी ओर, बारिश के बाद अलकनंदा और पिंडर नदियां उफान आ गईं हैं। प्रशासन व पुलिस ने लोगों से नदियों के पास नहीं जाने की अपील की है। बारिश से उमट्टा में पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से सोमवार को कर्णप्रयाग में लोगों को पेयजल दिक्कत का समाना करना पड़ा। कर्णप्रयाग सहित आसपास के क्षेत्रों में शनिवार रात से बारिश जारी है। हालांकि रविवार दोपहर को बारिश रूक कई थी, लेकिन रात को फिर से बारिश शुरू होने के बाद सड़कों पर मलबा आ गया। बारिश से बदरीनाथ हाईवे पर कर्णप्रयाग के पास चटवापीपल और गौचर के पास बंदरखंड में भारी मात्रा में मलबा व पत्थर आने से वाहनों की आवाजाही ठप रही। इस दौरान हाईवे के दोनों तरफ दिल्ली, देहरादून, हरिद्वार सहित चमोली, जोशीमठ व बदरीनाथ आने-जाने वाले वाहनों की कतारें लगी रही। कड़ी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर यातायात बहाल किया गया। रविवार और सोमवार को हुई बारिश से कर्णप्रयाग-नैनीसैंण मोटर मार्ग पहाड़ी से चट्टान खिसकने से बाधित रहा। ऐसे में कपीरी पट्टी के सैकड़ों लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़क बंद होने से ग्रामीण डिम्मर होते हुए सिमली पहुंचे। लेकिन सिमली-कर्णप्रयाग रोड़ पर भी मलबा आने से लोगों को पैदल आवाजाही करनी पड़ी। मार्ग बंद होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। (एजेंसी)