दिल्ली एनसीआर में निर्माण कार्य-खनन पर लगी रोक

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नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली में सर्दी बढ़ते ही वायु प्रदूषण फिर से बढ़ गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (ब्।फड) ने प्रदूषण को कम करने के लिए एक बार फिर से दिल्ली एनसीआर में ग्रेप (ग्रेडेड रिस्पस एक्शन प्लान) का तीसरा चरण लागू कर कर दिया है। यानी कि अब खनन, निर्माण कार्य पर रोक के साथ और भी पाबंदियां लागू हो गई हैं। सीएक्यूएम की हुई बैठक में बताया गया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, सोमवार शाम 4 बजे दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 410 दर्ज किया गया। जो गंभीर श्रेणी को दर्शाता है। नोएडा में एक्यूआई 399 जबकि गुरुग्राम में एक्यूआई 302 दर्ज किया गया। दिल्ली में प्रदूषण तापमान में गिरावट, शांत हवाओं, खराब मिश्रण के कारण हो रहा है।
सीएक्यूएम द्वारा लगाए गए ग्रैप 3 के प्रतिबंधों के अंतर्गत अब दिल्ली के सभी निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा किसी भी तरह के तोड़-फोड़ पर भी रोक लग गई है। साथ ही खनन पर भी बैन लगाया गया है। साथ ही बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों पर भी बैन लगा दिया गया है।
बता दें कि सुबह के समय पूरे दिल्ली-छब्त् में कोहरे और धुंध की चादर छाई रहती है। इस कारण लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को गले में खराश से लेकर आखों में जलन जैसी परेशानिया झेलनी पड़ रही है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक एक नंबर होता है जिसके जरिए हवा की गुणवत्ता को आंका जाता है। इससे वायु में मौजूद प्रदूषण के स्तर का भी पता लगाया जाता है। एक्यूआई की रीडिंग के आधार पर हवा की गुणवत्ता को छह कैटेगरी में बांटा गया है। शून्य से 50 के बीच एक्यूआई अच्छा, 51 और 100 संतोषजनक, 101 और 200 मध्यम, 201 और 300 खराब, 301 और 400 बहुत खराब, और 401 और 500 के बीच एक्यूआई को गंभीर माना जाता है।

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