उत्तरकाशी। गंगोत्री सहित हर्षिल घाटी के मुखबा गांव में स्थित उत्तराखंड नवीनीकरण ऊर्जा विकास एजेंसी (उरेडा) की दो जल विद्युत परियोजनाएं लंबे समय से बंद पड़ी है। इससे धाम सहित उस क्षेत्र में नियमित बिजली की आपूर्ति के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मुखबा के कछोरा में स्थित पावर हाउस का रखरखाव नहीं होने के कारण अब वह बदहाल स्थिति में पड़ा है।
स्थानीय निवासी अर्जुन नेगी ने बताया कि कछोरा में स्थित उरेडा का दो सौ किलोवाट का पावर हाउस मुखबा सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी करने में सहायक होता था लेकिन गत डेढ़ वर्षों से यह बंद होने के कारण अब बदहाल स्थिति में पहुंच गया है। इसका भवन जर्जर होने के साथ ही मशीनें भी खराब हो रही है।
नेगी ने कहा कि ग्रिड की बिजली पर अधिक लोड होने के कारण क्षेत्र में लो-वोल्टेज की समस्या चल रही है। ऐसे समय में यह पावर हाउस नियमित आपूर्ति में सहायक होता था। साथ ही बर्फबारी और आपदा के समय इसी पावर हाउस से बिजली आपूर्ति होती थी लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण अब यह संपत्ति बरबाद हो रही है।