उत्तराखंड

ग्रामीण डाक सेवकों के सम्मेलन में मांगों पर मंथन 

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नई टिहरी। अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ उत्तराखंड परिमंडल के प्रांतीय सम्मेलन में 11 सूत्रीय मांगों पर चर्चा हुई। सम्मेलन में संघ पदाधिकारियों ने सभी मांगों निस्तारण की मांग की। कहा जल्द मांगों पर सकारात्मक कार्यवाही नहीं होती है, तो डाक सेवक आंदोलन के लिये बाध्य होंगे। रविवार को नई टिहरी स्थित प्रेस क्लब सभागार में अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के प्रांतीय सम्मेलन में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव एसएस महादेविया ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवक लंबे समय से मांगों को लेकर धरना, प्रदर्शन, रैली, पत्राचार के माध्यम से विभागीय अधिकारी और सरकार को जगाने का काम करते आ रहे हैं, लेकिन डाक सेवकों की मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जो चिंता का विषय है। बताया डाक सेवकों की मांगों में ग्रामीण डाक सेवकों को नियमिति का दर्जा और पेंशन देने, कार्य का समय 8 घंटे किये जाने, कमलेश चंद्र कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक 12,24 और 36 को लागू करने, सामूहिक बीमा की धनराशि को 5 लाख किये जाने की मांग करते आ रहे हैं, इसके साथ डाक सेवकों की ग्रेज्यूटी को डेढ़ लाख से 5 लाख रुपये तक किये जाने, डाक सेवकों के परिवार के सदस्यों को चिकित्सा सुविधा, कार्य के दौरान मृतक डाक सेवकों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार नियुक्ति देने, समस्त डाक शाखा में लैपटप, प्रिंटर, ब्रडबैंड आदि सुविधा के साथ 11 सूत्रीय मांगों का निराकरण किया जाऐ। बताया मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होता है, तो डाक सेवक दिसबंर माह से हड़ताल पर जाने को बाध्य होंगे। सम्मेलन में पूर्व कैबिनेट मंत्री दिनेश धनै, पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश राणा, संघ के प्रांतीय अध्यक्ष राजपाल सिंह नेगी, पूर्व मंडलीयध्यक्ष अकबर पुंडीर, प्रांतीय सचिव जगदीश रावत, राम किशोर, भुवन नेगी,एसपी थपलियाल, हयात बिष्ट, रमेश सेमवाल, मुन्नी तोपवाल,विजेंद्र कुमाई, रजनी पंवार, राजवीर नेगी, विजय लक्ष्मी, चंद्र सिंह सहित भारी संख्या में डाक सेवक मौजूद थे।

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