भष्टाचार पर प्रहार कर रहे नगर आयुक्त किशन सिंह नेगी का हुआ तबादला

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पीसीएस वैभव गुप्ता को मिली नगर आयुक्त कोटद्वार की जिम्मेदारी
निगम में व्याप्त घोटालों की फाइल खोल रहे थे किशन सिंह नेगी
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार: भ्रष्टाचार का दीमक किस तरह सरकारी विभाग को खोखला कर रहा है इसका एक उदाहरण कोटद्वार नगर निगम में देखने को मिला है। पिछले कई माह से कोटद्वार नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार का पर्दाफाश कर रहे नगर आयुक्त किशन सिंह नेगी का अखिर तबादला कर दिया गया है। उनके स्थान पर पीसीएस वैभव गुप्ता को कोटद्वार नगर निगम की जिम्मेदारी दी गई है। ऐसे में आगे भी भ्रष्टाचार पर वार जारी रहेगा यह देखना बाकी है।
नगर आयुक्त किशन सिंह नेगी लगातार भ्रष्टाचार पर वार कर रहे थे। कुछ दिन पूर्व ही उन्होंने फर्जी हस्ताक्षर कर निर्माण कार्यो में घोटाले का पर्दाफाश किया था। नगर आयुक्त की तहरीर पर पुलिस ने निगम के एक कर्मचारी के साथ ही, पार्षद व महिला ठेकेदार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। यह घोटाला करीब 17 लाख 80 हजार का था। इसमें तीन दिन पूर्व ही पार्षद व महिला ठेकेदार को जेल भेजा गया। जबकि, नगर निगम कर्मचारी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। उम्मीद थी कि पुलिस की जांच में कई अन्य लोगों का नाम भी सामने आ सकता था। यही नहीं चर्चा यह भी है कि नगर आयुक्त कुछ दिन बाद किसी बड़े घोटाले का खुलासा करने वाले थे। लेकिन, उससे पहले ही उनका तबादला हो गया है। किशन सिंह नेगी को विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी/ सीएएलए देहरादून भेज दिया गया है। जबकि, उनके स्थान पर हरिद्वार के डिप्टी कलेक्टर वैभव गुप्ता को नगर निगम कोटद्वार की जिम्मेदारी मिली है।

व्यापारी भी कर रहे थे विरोध
नगर आयुक्त किशन सिंह नेगी भ्रष्टाचार के साथ ही अतिक्रमण व शहर की अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का कार्य कर रहे थे। उन्होंने शहर में बेतरतीब तरीके से सड़क किनारे पार्क होने वाले भारी वाहनों के खिलाफ भी अभियान चलाया था। जिसके बाद व्यापारी लगातार उनका विरोध कर रहे थे। यही नहीं नगर आयुक्त के विरोध में व्यापारियों ने एक दिन के लिए अपने प्रतिष्ठान भी बंद रखे। वहीं, बीईएल रोड स्थित मंडी समिति में पॉलीथिन के खिलाफ अभियान चलाने के दौरान भी उनका विरोध हुआ था।

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