कोरोना के बढ़ते मामलों को देख मुंबई, गुजरात और हरियाणा की सरकारों ने स्कूलों को बंद रखने का किया फैसला

Spread the love

नई दिल्ली, एजेंसी । देश के कई राज्घ्यों में कोरोना संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है। संक्रमण की चपेट में स्घ्कूलों के बच्घ्चे और शिखक भी आने लगे हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकारों ने एकबार फिर से स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। महाराष्ट्र सरकार ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी के तहत आने वाले स्कूलों को 31 दिसंबर तक बंद रखने का फैसला किया है। वहीं हरियाणा सरकार ने 30 नवंबर तक सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने के लिए निर्देश जारी किए हैं। वहीं गुजरात सरकार ने स्कूलों को खोलने का फैसला टाल दिया है।
गुजरात में भी कोरोना संक्रमण में तेजी देखी जा रही है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों को खोलने की तारीख को और आगे बढ़ा दिया है। गुजरात सरकार ने सरकार ने गुरुवार की रात को स्घ्कूलों को खोले जाने के अपने पूर्व के फैसले को टालते हुए सभी सरकारी और प्राइवेट शैक्षिक संस्थानों को बंद ही रखने का फैसला किया है। यही नहीं सरकार ने राज्य की आर्थिक राजधानी अहमदाबाद रात को नौ बजे से लेकर सुबह छह बजे तक नाइट कर्फ्यू भी लगाने का आदेश जारी किया है।
हरियाणा की बात करें तो बीते 16 नवंबर को ही राज्घ्य में स्घ्कूल खोले गए थे। इसके बाद सूबे के कई शिक्षक और विद्यार्थी संक्रमित मिल चुके हैं। राज्घ्य में संक्रमण के मामलों में तेजी को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सरकारी और निजी स्कूलों को 30 नवंबर तक बंद रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं। शिक्षा निदेशालय ने सूबे के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को उक्त निर्देश जारी कर दिए हैं। यही नहीं जिन अध्यापकों ने अभी तक कोविड टेस्ट नहीं कराया है उनको जल्द एहतियात के तौर पर यह जांच करानी होगी।
महाराष्ट्र की बात करें तो महानगर मुंबई में पहले 23 नवंबर से नौ से 12वीं तक की कक्षाएं शुरू होनी थीं। इस बीच राज्घ्य सरकार ने संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए स्कूली गतिविधियों को शुरू करने के फैसले को टाल दिया है। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक, बृहन्मुंबई महानगरपालिका यानी बीएमसी ने महानगर में 31 दिसंबर तक स्कूलों बंद रखने का फैसला किया है। मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि बीएमसी के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी स्कूल 31 दिसंबर तक पूर्ववत बंद रहेंगे।

राजस्थान के सभी जिलों में 21 नवंबर से लागू होगी धारा 144
जयपुर/उदयपुर, एजेंसी । राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को लेकर राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को 21 नवंबर से धारा 144 लगाने का पवर दे दिया है। गृह विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को परामर्श जारी कर दिया है। धारा 144 लागू होने के बाद एक जगह पर चार लोगों से ज्यादा के एकत्र होने पर प्रतिबंध लग जाएगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कोरोना के तेजी से फैल रहे संक्रमण के मद्देनजर लोगों से बड़ी संख्या में एक जगह एकत्र नहीं होने की अपील की है। राज्य सरकार ने यह फैसला जनहित में किया है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को संभागीय आयुक्तों, जिला कलेक्टरों व सरकारी व प्राइवेट अस्पताल के अधीक्षकों के साथ वीसी के माध्यम से संवाद किया।
उन्होंने अस्पातलों के आइसीयू वार्ड में बेड और अक्सीजन की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों को कोविड की गाइडलाइन का पालन करने को लेकर जागरूक करने का अभियान जारी रखने का आह्वान करते हुए कहा कि अक्सीजन लेवल की जांच के लिए सरकार ने नर्सिंगकर्मियों को अक्सीमीटर पहले ही उपलब्ध कराए थे। अब ग्रामीण इलाकों में आशा सहयोगिनियों को भी ये उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में लोगों को राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि पजिटिव से निगेटिव हुए लोगों की समस्याओं के निदान के लिए प्रत्येक जिले में पोस्ट कोविड क्लिनिक शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। इस दौरान चिकित्सा सचिव सिद्घार्थ महाजन ने बताया कि कोरोना रोगियों के उपचार के लिए 12 हजार से अधिक अक्सीजन बेड व 26 हजार अक्सीजन सिलेंडर प्रतिदिन आपूर्ति की क्षमता उपलब्ध है। जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में जांच की सुविधा 24 घंटे है।
शुक्रवार को प्रदेश में 2762 संक्रमित मिले हैं, वहीं 14 लोगों की मौत हुई। प्रदेश में अब तक 2130 लोगों की मौत के साथ ही दो लाख 37 हजार 699 संक्रमित मिल चुके हैं। एक्टिव केसों की संख्या 20,923 है। अब तक जयपुर में सबसे अधिक 41,547 पजिटिव केस मिले हैं। शुक्रवार को जयपुर में 514 संक्रमित मिले। चिकित्सा विभाग ने जांच बढ़ाने के लिए एक बार फिर घर-घर सर्वे शुरू करने की योजना बनाई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!