बारिश और ओलावृष्टि से सेब को नुकसान

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उत्तरकाशी। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश व ओलावृष्टि से सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बगीचों में पेड़ों से सेब के दाने ही गायब हैं। गुरुवार देर शाम भी कुछ जगह ओलावृष्टि हुई। ऐसे में इस बार काश्तकारों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। हालत ये है कि इस बार बागवानों के पास दवा और खाद के लिए भी रकम पूरी नहीं हो पा रही है। यमुना घाटी में उत्पादित सेब प्रदेश समेत देश की विभिन्न सेब मंडियों में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यहां यमुना घाटी के सेबरी, धारी कपनोल, सिकारु, धडोली, बालचा, बलावट, चिवां, बरनाली, झोटाड़ी, गोकुल, सांकरी, सौड़, सिदरी, जडासला, जखोल, फिताडी, रेकचा, कासला, राला, तालूका, फुर्ती आदि क्षेत्रों में सेब की बंपर पैदावार होती है। इस सीजन के प्रारंभ में बर्फबारी से अच्छा मौसम मिलने के बाद अप्रैल में बारिश व ओलावृष्टि ने फ्लावरिंग के दौरान सेब की फसल को भारी क्षति नुकसान पहुंचाया। इसके चलते घाटी के सेबों के स्वाद को आनन्द लेने के लिए दो से तीन गुने दाम चुकाने पड़ेंगे। क्षेत्र के सेब बागवान शेर सिंह रावत, जगमोहन सिंह राणा, बरू सिंह, जगत राम, नौनिहाल सिंह बागवानों का कहना है कि इस वर्ष बारिश व ओलावृष्टि ने उनकी अच्छी फसल की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने बताया कि इस सीजन में कीटनाशक, दवा आदि के लिए भी धन नहीं जुटा पा रहे हैं।

 

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