दारोगा को पांच लाख रिश्वत देने पर तीन दोषियों को पांच पांच साल का कठोर करावास

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नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण राजीव खुल्बे की कोर्ट ने एक केस में आरोपित का नाम हटाने के एवज में दारोगा को पांच लाख रिश्वत देने के तीन आरोपितों को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने आरोपित को पांच-पांच साल की कठोर कारावास व दस-दस हजार जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। कोर्ट के आदेश के बाद दोषियों को हिरासत में लेकर हल्द्वानी जेल भेज दिया गया।
13 सितंबर 2015 को तत्कालीन सीओ बाजपुर राजीव मोहन को दिनेशपुर थानाध्यक्ष रजत कसाना ने सूचना दी कि दिनेशपुर थानांतर्गत धारा 420, 427 व अन्य धाराओं से संबंधित मुकदमा पंजीत था। जिसकी विवेचना उनके वह खुद कर रहे थे। विवेचना के दौरान प्रकाश में आए अभियुक्त रवींद्र को बचाने व इस मामले से उसका नाम हटाने के एवज में तीन व्यक्ति जबर्दस्ती पांच लाख रुपए रिश्वत देना चाह रहे हैं। तीनों को हिरासत में लिया गया है। सूचना पर सीओ बाजपुर समेत अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। वहां राधेश्याम पुत्र रमाकांत निवासी के-202 रेल विहार अल्फा नंबर एक नोएडा, रविशंकर मिश्रा पुत्र जितेंद्र निवासी 107 पारसनाथ इंडियन सेक्टर अल्फा दो ग्रेटर नोएडा और मोहन द्विवेदी पुत्र सुरेंद्र निवासी ई-125 बीटा प्रथम ग्रेटर नोएडा मौजूद थे।
तीनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि हम केस से रवीन्द्र का नाम हटाने के लिए पांच लाख बतौर रिश्वत विवेचक ध्थानाध्यक्ष रजत कसाना को देने आए थे। रविंद्र जिसका नाम सामने आ रहा, वह आरोपित राधेश्याम का भाई है। तलाशी के दौरान राधेश्याम के पास 500 के नोट की छह गड्डियां कुल तीन लाख, रविशंकर के पास पांच सौ की दो गड्डियां कुल एक लाख, मोहन के पास भी 500 की दो गड्डियां कुल एक लाख समेत कुल पांच लाख बरामद किया। रकम सीलबंद करने के बाद आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया था।
सीओ द्वारा आरोपियों के खिलाफ रुद्रपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। तत्कालीन सीओ बीएस चौहान द्वारा अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। डीजीसी फौजदारी सुशील कुमार शर्मा द्वारा आरोप साबित करने के लिए सात गवाह पेश किए गए। जबकि जनता का गवाह अनादि रंजन पक्षद्रोही घोषित हुआ। डीजीसी ने कहा कि अभियुक्तों द्वारा ईमानदार पुलिस अफसर को पांच लाख रिश्वत देने की गंभीर घटना की है।

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