जौलीग्रांट। विधि विश्वविद्यालय के लिए रानीपोखरी क्षेत्र के ग्रामीण 136 दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन-प्रशासन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रहा है।
रानीपोखरी में लॉ यूनिवर्सिटी बनाने के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से दो मार्च 2019 को रेशम विभाग की करीब दस एकड़ भूमि पर शिलान्यास किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इस भूमि को सौंग बांध प्रभावितों को दे दिया गया है।
संबंधित भूमि की नाप-जोख के वक्त दर्जनों ग्रामीणों ने वहां पहुंचकर हंगामा भी किया था। ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष अनूप चौहान ने कहा कि कुछ दिन पूर्व क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल की ओर से विधि विश्वविद्यालय की मांग को लेकर सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की गई थी।
क्षेत्रीय सांसद की ओर से मुख्यमंत्री को इस संबंध में पत्र भी भेजा गया था लेकिन अभी तक मांग पूरी नहीं हुई है। कहा कि दिवंगत राजेंद्र शाह इंटर कॉलेज के पास 65 बीघा रेशम विभाग की भूमि सिडकुल को विकास कार्यों के लिए दी गई थी लेकिन जब इस पर कोई कार्य नहीं हुआ तो वापस यह जमीन रेशम विभाग को मिल चुकी है।
इसके अलावा घमंडपुर में सीलिंग की करीब 130 बीघा भूमि मौजूद है। इसलिए विधि विवि बनाने के लिए जमीन की कहीं कोई कमी नहीं है। सभी ग्राम प्रधान और ग्रामीण इसके लिए पूरा सहयोग करने को तैयार हैं।