-शिक्षक और छात्रोंं ने सभी देशों की सहभागिता को बताया महत्वपूर्ण
जयन्त प्रतिनिधि।
श्रीनगर। गढ़वाल केंद्रीय विवि के राजनीतिक विभाग की ओर से पर्यावरण संरक्षण विषय पर एक दिवसीय परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने प्रतिभाग कर अपने सुझाव रखे।
सोमवार को परिचर्चा का शुभारंभ करते हुए शोध छात्रा मनस्वी सेमवाल ने अंतरराष्ट्रीय संगठनों के इतिहास एवं उनकी भूमिका के बारे में बताया। शोध छात्रा शिवानी पांडे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों की ओर से पर्यावरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे है। लेकिन इन कार्यों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए दुनिया के सभी देशों को मिलकर काम करना चाहिए। तभी सार्थक परिणाम निकल सकते है। इस मौके पर छात्रा मनीषा राणा ने विभिन्न चरणों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास के प्लान पर चर्चा की। डॉ. नरेश कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए दोनों संगठनों को पर्यावरण के क्षेत्र में एक जुटता के साथ कार्य करना चाहिए। टिहरी परिसर के प्रो. मनमोहन सिंह नेगी ने पर्यावरण को परिभाषित करते हुए अनियंत्रित दोहन पर रोक लगाने का सुझाव दिया। प्रो. एमएम सेमवाल ने पर्यावरण संरक्षण को वैश्विक समाज में सबसे बड़ी चुनौती बताते हुए जलवायु परिवर्तन में हो रहे बदलाव के कारणों पर जोर दिया। जंगलों के अत्यधिक दोहन और वाहनोंं की बढ़ती संख्या से पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरूकता पर भी जोर दिए जाने का सुझाव दिया है। इस मौके पर परिचर्चा का संचालन पुष्कर झा ने किया। जबकि परिचर्चा में डा. मनोज कुमार सहित स्नातक और स्नातकोत्तर एवं अन्य शोध छात्र शामिल थे।