रूस-यूक्रेन युद्घ की गर्मी से अब उतराखंड में लोगों के छूटेंगे पसीने, कोल-गैस सप्लाई बाधित होने से बिजली उत्पादन प्रभावित

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देहरादून। उत्तराखंड में दस दिन से बिजली का संकट बना हुआ है। बिजली आपूर्ति सामान्य करने को बाजार से महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ रही है। इसका कारण रूस-यूक्रेन युद्घ को बताया जा रहा है। रूस, यूक्रेन से कोल और गैस सप्लाई बाधित होने से पवर प्लांट से बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। यूपीसीएल हर साल बड़ी मात्रा में एनटीपीसी से बिजली लेता है।
एनटीपीसी का करीब 40 प्रतिशत बिजली उत्पादन कोल प्लांट के जरिए होता है। इसके साथ ही अन्य प्राइवेट पवर प्लांट का भी कोल के जरिए बिजली उत्पादन होता है। इसके अलावा यूपीसीएल अंतवा, औरेया और दादरी गैस प्लांट से भी बिजली लेता है। राज्य में मौजूद श्रावंती और गामा गैस प्लांट से भी बिजली ली जाती है।
कोल और गैस सप्लाई बाधित होने से इन पवर प्लांट का बिजली उत्पादन बाधित है। एमडी यूपीसीएल अनिल कुमार ने बताया कि रूस यूक्रेन के बीच युद्घ भी इस संकट की एक बड़ी वजह है। इसी कारण बाजार में बिजली की उपलब्धता प्रभावित हुई है। बाजार में बिजली कम होने के कारण पवर एक्सचेंज में बिजली के रेट रिकर्ड उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं।
बिजली का बाजार में जो सामान्य रेट साढ़े चार रुपये से लेकर नौ रुपये तक रहता था। अब वही रेट पांच रुपये से लेकर अधिकतम 20 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच गया है। यूपीसीएल को पिछले सप्ताह तक 15 से 20 करोड़ रुपये की प्रतिदिन बिजली खरीदनी पड़ रही थी। अब स्थिति थोड़ी सामान्य होने के बाद भी पांच से नौ करोड़ के बीच बिजली प्रतिदिन खरीदनी पड़ रही है।

 

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