बेमौसमी बारिश से 33 फीसदी फसल हुई बर्बाद, काश्तकारों की बढ़ी चिंता

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : बेमौसमी बारिश से कोटद्वार भाबर समेत पर्वतीय क्षेत्र में फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। अब तक 33 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई है। गेहूं, मटर, चना, मसूर आदि की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। फसल बर्बाद होने से काश्तकारों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदला हुआ है। अचानक हो रही बारिश व तेज हवाओं का असर सबसे अधिक फसल पर देखने को मिल रहा है। बेमौसम हो रही बारिश से सबसे अधिक परेशानी काश्तकारों को हो रही है। तूफान और बारिश से जहां गेहूं, मटर, चना, मसूर की कटी और खड़ी फसलें खराब हो गई हैं। वहीं, बागवानी को भी नुकसान पहुंचा है। तेज हवाओं के चलने से आम, लीची की बौर, नींबू, माल्टा, खुबानी आदि के फल झड़ गए। पार्षद एवं किसान सलाहकार समिति के अध्यक्ष सुखपाल शाह ने कहा कि बेमौसमी बारिश से काश्तकारों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। वहीं, कृषि अधिकारी अरविंद भट्ट ने बताया कि बारिश से जहां कोटद्वार भाबर में कटी और खेतों में खड़ी गेहूं व अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं पर्वतीय क्षेत्र में भी फसलें प्रभावित हुई हैं। बारिश से 33 फीसदी फसलें खराब हुई हैं। काश्तकारों को हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।

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