जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जंगल से सटे आबादी क्षेत्रों में हाथियों की धमक थमने का नाम नहीं ले रही। नैनीडांडा के अंतर्गत ग्राम झुंडग में हाथी ने आबादी में पहुंचकर खूब उत्पात मचाया। हाथी ने काश्तकार के केले के पेड़ तबाह कर दिए साथ ही सुरक्षा दीवार को भी नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली जानवरों के आतंक से निजात दिलवाने की मांग की है।
झुंडग गांव कार्बेट टाइगर रिजर्व के बफर जोन से सटा हुआ है। यही कारण है कि यहां आए दिन जंगली जानवरों की धमक बनी रहती है। रात के समय जंगली जानवर आबादी में पहुंच कर ग्रामीणों की फसल बर्बाद कर रहे हैं। काश्तकार अजय कुमार ने बताया कि रात करीब दो बजे एक हाथी जंगल से निकलकर उनके खेतों में पहुंचा। हाथी ने उनके केले को पेड़ तोड़ने के साथ ही उनके खेतों के लिए बनी सुरक्षा दीवार को भी तोड़ दिया। कहा कि खेती बर्बाद होने से उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। नुकसान की शिकायत करने के लिए उन्होंने वनाधिकारियों को फोन किया। लेकिन, अधिकारी उनका फोन नहीं उठा रहे। ऐसे में ग्रामीणों के समक्ष बड़ी समस्या खड़ी हो रही है। हाथी के डर से काश्तकार खेती छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।