उत्तराखंड

सहकारी समितियों के कर्मचारी फिर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे

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हरिद्वार। विकास भवन रोशनाबाद में सोमवार को साधन सहकारी समिति के कर्मचारी महासंघ सहकारी कर्मचारी के बैनर तले सात दिन बाद फिर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। कर्मचारी तीन सूत्रीय मांग को लेकर धरने पर हैं। महासंघ का कहना है कि सहकारी समितियों में नियुक्त हुए कर्मचारियों की नियुक्ति निरस्त ना की जाए और जिनकी नियुक्ति निरस्त हुई है उनके आदेश तत्काल वापस लिया जाए। मांग है कि फार्म सी-57 फार्म -128 और 221 निरस्त किया जाए। जिले में सभी सहकारी समिति कर्मचारियों का वेतन मान एक समान होना चाहिए। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से जनपद के किसानों को बीज, खाद बाजार से महंगे दामों खरीदना पड़ेगा। उधर सहकारी एआर राजेश चौहान ने कहा कि फार्म -128 समेत कई बिंदुओं पर कर्मचारियों की सहमति है। कई समितियों पर कार्यवाही कर चुकी है। आगे भी जांच जारी है। महासंघ के अध्यक्ष भूमेश शर्मा ने कहा कि विभाग के अधिकारियों ने जिले की कई साधन सहकारी समिति के करीब ढाई सौ कर्मचारियों की नियुक्तियों को फर्जी बताकर उनकी नौकरियों को निरस्त करने का आदेश जारी किया गया। इस आदेश से कर्मचारी प्रताड़ित हो रहे हैं। अगर विभाग ने इस उम्र में कर्मचारियों को निकाल दिया तो उनको काम कौन देगा? भूपेश शर्मा ने कहा कि नियुक्ति के समय एआर, रजिस्ट्रार, एमडी, एडीओ, एडीसीओ, डीआर, और मंत्री की अनुमति के बाद विधि पूर्वक कर्मचारियों की नियुक्ति हुई है। उसके बाद भी अधिकारी उनको फर्जी करार दे रहे हैं। महामंत्री सुखलाल सैनी ने कहा कि कर्मचारियों की तैनाती हुए कई-कई वर्ष बीत गए है। नियुक्ति के वक्त किसी अधिकारी ने किसी भी कर्मचारी के दस्तावेज या उनकी नियुक्ति फर्जी नही बताई थी। लेकिन आज उनकी नियुक्ति फर्जी हो गई। इस दौरान लक्ष्मी दत्त पंत, अरुण कुमार, प्रवीण कुमार, संदीप कुमार, एहसान अली, प्रदीप कुमार, प्रताप सिंह, इंद्रजीत सिंह, अतुल यादव, शिव कुमार, उमेश कुमार, विनय सिंह चौहान, विजयपाल चौहान, जय कुमार, चरण सिंह, गोपाल सिंह, श्याम कुमार, मदनलाल, सुदेश कुमार सैनी, नरेश कुमार, सूरजभान, अभिषेक चौधरी, नरेंद्र कुमार, अजय पाल, ओमकार, नीरज कुमार, अनिल कुमार, विश्वनाथ सैनी, विपिन चौहान आदि कर्मचारी मौजूद रहे।

 

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