नागपुर में आतंकी हमले की आशंका, जैश के आतंकियों ने की रेकी, सुरक्षा बढ़ी

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मुंबई, एजेंसी। महाराष्ट्र में नागपुर के पुलिस आयुक्त अमिकेश कुमार ने शुक्रवार को बताया कि हमें जानकारी मिली है कि जैश-ए-मोहम्मद के कुछ आतंकियों ने नागपुर में कुछ ठिकानों की रेकी की है, इसके बाद हमने कार्रवाई की और यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया है, जिसकी जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। हमने सभी स्थानों की सुरक्षा बढ़ा दी है। आतंकियों की रेकी के बाद नागपुर में आतंकी हमले का खतरा बढ़ गया है। रेकी के बाद पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। गौरतलब है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ फिर मुंबई व देश के अन्य शहरों में आतंकी हमले की साजिश रच रही है। इस बार लश्कर-ए-तैयबा या जैश-ए-मोहम्मद जैसे पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों के बजाय उसकी तैयारी विदेश में बसे खालिस्तानी आतंकियों के इस्तेमाल की है।
जर्मनी में रह रहे आतंकी संगठन सिख फार जस्टिस के जसविंदर सिंह मुल्तानी के खिलाफ दर्ज एनआइए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) की एफआइआर में यह बात सामने आई है। हाल में लुधियाना में हुए बम धमाके में मुल्तानी का नाम सामने आया है। 2008 में आइएसआइ ने लश्कर के आतंकियों से मुंबई में हमले को अंजाम दिया था। एनआइए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मुल्तानी लगातार आइएसआइ के संपर्क में है। आइएसआइ मुल्तानी का इस्तेमाल कर मुंबई समेत देश के कई शहरों में आतंकी हमले की योजना तैयार कर रही है। मुल्तानी और आइएसआइ के बीच हुई बातचीत के पुख्ता सुबूत एनआइए के पास मौजूद हैं। इसके साथ एनआइए ने एफआइआर में मुल्तानी पर भारत में युवाओं को देश के खिलाफ भड़काने और उन्हें आतंकी गतिविधियों के लिए भी उकसाने का आरोप लगाया है। एफआइआर के अनुसार हवाला के जरिये बड़े पैमाने पर धन भेजकर मुल्तानी पंजाब में आतंकवाद को फिर से खड़ा करने की साजिश भी कर रहा है। यही कारण है कि एनआइए ने मुलतानी के खिलाफ देशद्रोह के अलावा गैरकानूनी गतिविधि कानून की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। अधिकारी ने कहा कि एनआइए जल्द ही मुल्तानी को भारत लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि जर्मनी के साथ भारत की प्रत्यर्पण संधि है। एजेंसी इस मामले में पुख्ता रोडमैप के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

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