पूर्व सीएम हरीश रावत ने दी सीएम धामी को खुली चुनौती

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देहरादून। महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और खनन को लेकर पूर्व सीएम हरीश रावत ने राज्य सरकार को खुली चुनौती दी और पलायन पर हमारे दोस्त नाना प्रकार के दावे कर रहे हैं। मैं भाजपा से कहना चाहता हूं कि यदि वह अपने पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को किसी भी पार्क में ले आए और रोजगार के आंकड़े और भविष्य के रोडमैप पर हम बहस करने को तैयार हैं। हरीश रावत ने कहा तीन-तीन मुख्यमंत्री बदलकर भी भाजपा से गुड गवर्नेंस का सवाल ही नहीं उठता है। भाजपा की आर्थिक नीतियों का ही परिणाम है कि राज्य की आर्थिक व्यवस्था लड़खड़ा गई है। वित्तीय प्रबंधन ऐसा है कि राज्य सरकार बाजार के पैसे पर चल रही है। इन्होंने विभागों की प्रतिभूतियों का पैसा भी निकाल लिया है। ऐसे में कांग्रेस स्टेट अफ इकोनमी पर राज्य सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग करती है। सीएम धामी को हरीश रावत की चुनौतीये भी पढ़ेंरू उत्तराखंड में अरविंद केजरीवाल का चुनावी मास्टर स्ट्रोक, काशीपुर सहित 6 नए जिले बनाने की घोषणाहरदा ने कहा भाजपा सरकार एक बदहाल अर्थव्यवस्था, निकम्मा शासन और बेरोजगारों की फौज सौंप कर जा रही है। उन्होंने कहा 2022 का चुनाव राज्य की सबसे ज्यादा चिंताजनक परिस्थितियों में होने जा रहा है। क्योंकि प्रदेश की शिक्षा और स्वास्थ्य ढांचा पूरी तरह से ध्वस्त है। इसलिए 2022 से 2027 के बीच सरकार के सामने बहुत बड़ी चुनौतियां होंगी। हम महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और खनन के खिलाफ फोकस करेंगे। उन्होंने कहा सरकार लोकायुक्त देने से भी बचना चाह रही है। कांग्रेस सत्ता में आते ही पंचायतों के लिए अलग पंचायती लोकायुक्त की व्यवस्था करेगी। ताकि पंचायतों में भ्रष्टाचार ना बढ़े। अंधाधुंध खनन की न्यायिक जांच बिठाई जाएगी और भविष्य के लिए नीति पत्र बनाए जाएंगे। कांग्रेस की सरकार आने पर बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही प्रत्येक वित्तीय प्रस्ताव का मूल्यांकन किया जाएगा और आर्थिक बिंदु पर चेक प्वाइंट निर्धारित किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा महंगाई दरअसल केंद्र सरकार की विफलताओं का परिणाम है। जिसके जनक प्रधानमंत्री मोदी और उनकी नीतियां हैं। महंगाई पर नियंत्रण के लिए कांग्रेस पार्टी घ्200 प्रति माह सिलेंडर पर सब्सिडी देगी और कितनी अधिक सब्सिडी दे सकते हैं, उस पर भी विचार कर किया जा रहा है।

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