भाजपा की दो दिवसीय कार्यकारिणी में तय होगी भावी रणनीति, विधानसभा चुनाव समेत इन मुद्दों पर रहेगा खास फोकस

Spread the love
Backup_of_Backup_of_add

नई दिल्ली, एजेंसी। इस साल होने वाले नौ विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर तेज हुई राजनीति के बीच सोमवार से दिल्ली में भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी आयोजित होगी। बैठक के एजेंडे से स्पष्ट है कि भाजपा और बड़े जनमत के लिए कमर कसेगी। पार्टी उन विषयों पर ध्यान केंद्रित करेगी, जो जनता की जरूरतों को भी पूरा करे और भावनात्मक रूप से भी जोड़े। मुस्लिम महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा पर अलग से चर्चा होगी।
गुजरात की अभूतपूर्व जीत ने पार्टी को विश्वास से लबालब कर दिया है। कार्यकारिणी की शुरूआत उसी उत्साह के साथ होगी, जब बैठक स्थल से पहले ही संसद मार्ग पर कार्यकर्ताओं की ओर से प्रधानमंत्री का स्वागत किया जाएगा।
बताया जाता है कि कार्यकर्ताओं का हुजूम होगा और ऐसे में संसद मार्ग से सभास्थल एनडीएमसी सेंटर तक प्रधानमंत्री का काफिला एक रोड शो जैसा ही होगा। दिल्ली पुलिस ने भी कुछ उसी तरह तैयारी की है और एडवाइजरी जारी की है। हालांकि, पार्टी इसे रोड शो बताने से बच रही है।
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि सेवा, संगठन और समर्पण, विश्व गुरु भारत, सुशासन सर्वप्रथम, मुस्लिम महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा, वंचितों का सशक्तिकरण, समावेशी और सशक्त भारत एवं संस्ति के वाहक जैसे विषयों पर चर्चा होगी।
विश्व गुरु भारत विषय के तहत यह बताया जाएगा कि प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों के चलते योग को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिला। रूस-यूक्रेन संकट के समय अपरेशन गंगा सफलतापूर्वक चलाया गया और न सिर्फ भारत बल्कि दूसरे देशों के बच्चों को भी निकाला गया। कोरोना के समय वैक्सीन दूसरे देशों को भी दिया गया। किस तरह भारत वैश्विक संकटों के बावजूद दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बना।
सुशासन सर्वप्रथम विषय के तहत पिछले 8 वर्षों में पूर्वोत्तर में शांति की स्थापना और भ्रष्टाचार मुक्त शासन व्यवस्था, लाईसेंसी राज खत्म करना, ईज आफ डूइंग बिजनेस जैसे मुद्दे आएंगे तो संस्ति के संवाहक विषय के तहत, काशी और उज्जैन के मंदिर का जीर्णोद्घार,स्टेच्यू आफ इक्वालिटी, प्राचीन स्मृतियों के संरक्षण जैसे विषयों का प्रचार प्रसार करने को कहा जाएगा।
मुस्लिम महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा पर अलग से चर्चा का खास राजनीतिक महत्व है। तीन तलाक से आजादी का मुस्लिम महिलाओं से खुले दिल से स्वागत किया था। अलग अलग क्षेत्र में अल्पसंख्यक वर्ग के लिए किए जा रहे कार्यों पर भी पदाधिकारियों को जागरुक किया जाएगा। ध्यान रहे कि पिछली कार्यकारिणी बैठक में भाजपा ने पिछड़े पसमांदा मुस्लिमों की दशा सुधारने की बात कही थी। पसमांदा की बड़ी संख्या है।
तावड़े ने बताया कि बैठक में प्रधानमंत्री समेत 35 केंद्रीय मंत्री, 12 मुख्यमंत्री, 5 उपमुख्यमंत्री समेत लगभग साढ़े तीन सौ कार्यकारिणी सदस्य मौजूद होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!