गायत्री साधना सार्वभौम है : डॉ पण्ड्या

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हरिद्वार। गायत्री परिवार प्रमुख डॉ प्रणव पण्ड्या ने कहा कि नवरात्र साधना का महापर्व है। इन दिनों गायत्री की साधना आत्मिक प्रगति का द्वार खोलता है। लीलापुरुष भगवान् श्रीकृष्ण ने श्रीमद्भगवतगीता में कई स्थानों पर इसका उल्लेख किया है। डॉ पण्ड्या देश-विदेश में अपने – अपने घरों में नवरात्र साधना में जुटे साधकों को वर्चुअल संदेश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि भगवान् श्रीकृष्ण ने भी कई स्थानों पर गायत्री साधना की महिमा का वर्णन किया है। वे अर्जुन को साधना करने के लिए प्रेरित करते हुए कहते हैं कि साधना के माध्यम से परमगति को प्राप्त किया जा सकता है। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ पण्ड्या ने कहा कि गायत्री साधना सार्वभौम है। इससे प्रारब्ध को काटा अथवा कम किया जा सकता है और भविष्य को संवारा जा सकता है। गायत्री साधना से कई प्रकार की व्याधियों से भी बचा जा सकता है। इससे पूर्व डॉ. पण्ड्या सहित शांतिकुंज के वरिष्ठ कार्यकर्त्ताओं ने आनलाइन संगोष्ठी के माध्यम से जप-तप के आवश्यक नियम एवं प्रगति के सोपान जैसे अनेक विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। विषय विशेषज्ञों ने भी साधकों के विविध शंकाओं, जिज्ञासाओं का समाधान किया।
मां की महिमा जगत में अपरम्पार है – श्रीमहंत रविन्द्रपुरी
मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने कहा है कि देवी आद्यशक्ति मां दुर्गा नाना स्वरूपों में अवतरित है। वह संपूर्ण ब्रह्मांड के समस्त तत्वों में विद्यमान है। जिनसे इस चराचर जगत के सुचारू संचालन का कार्य पूर्ण होता है। जीवन की उत्पत्ति तथा विकास हर चरण मातृशक्ति द्वारा ही परिचालित है। परिणामस्वरूप शक्ति संसार में सर्वोपरि है। मंगलवार को हरिद्वार स्थित सिद्धपीठ मां मनसा देवी मंदिर के प्रांगण में श्रद्धालु भक्तों को मां की महिमा का सार बताते हुए श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने कहा कि मां की शक्ति संसार में अपरंपार है। जगत का कल्याण करने वाली ममतामयी मां मनसा भक्तों की अराधना से प्रसन्न होकर उनका कल्याण करती है। प्रत्येक भक्त के मन में निवास करने वाली मां कलियुग में साक्षात मां मनसा देवी पर विराजमान है। जो भक्तों के कष्टों को हरकर उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती है। श्रद्धापूर्वक की गई देवी मां की अराधना से साधक के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। इस दौरान ट्रस्टी अनिल शर्मा, इंदु गिरि, हेमंत टुटेजा, प्रतीक सूरी, सुंदर राठौर शामिल रहे।

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