नई टिहरी। भिलंगना ब्लॉक में उच्च शिक्षा के सीमित विकल्पोें के कारण छात्रों की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। रगड़ी (सांकरी) में राजकीय महाविद्यालय खोलने की घोषणा के करीब तीन साल बाद भी स्थापना की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। पांच माह पहले महाविद्यालय के लिए भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, लेकिन अभी तक स्वीकृति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
भिलंगना ब्लॉक में वर्तमान में बालगंगा अशासकीय महाविद्यालय सेंदुल ही उच्च शिक्षा का एकमात्र संस्थान है, जहां घनसाली और ढुंगमंदार पट्टी के छात्र दूर-दराज के गांवों से पढ़ने पहुंचते हैं। सीमित संसाधनों के चलते कॉलेज में स्नातक स्तर पर बीए और बीएससी के सात विषय और स्नातकोत्तर स्तर पर एमए के केवल तीन विषय संचालित हैं, वहीं भिलंग पट्टी के 32 से अधिक गांवों में कोई सरकारी या निजी महाविद्यालय नहीं है। इस कारण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए नई टिहरी, श्रीनगर या देहरादून जाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बाहर रहकर पढ़ाई का खर्च उठाना आसान नहीं है, ऐसे में कई छात्रों के लिए उच्च शिक्षा हासिल करना चुनौती बना हुआ है। क्षेत्र में लंबे समय से राजकीय महाविद्यालय खोलने की मांग उठती रही है। वर्ष 2023 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घनसाली विधानसभा क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय खोलने की घोषणा की थी।
इसके बाद प्रशासन ने बीते अप्रैल में रगड़ी (सांकरी) में महाविद्यालय की स्थापना के लिए 1.963 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा। पांच माह बीतने के बाद भी शासन स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से कॉलेज की स्थापना का इंतजार लंबा खिंच रहा है।