आदर्श संस्कृत गांव घोषित होने पर जताई खुशी

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जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी। जनपद के कोट ब्लॉक के फलस्वाडी गांव को आदर्श संस्कृत गांव घोषित किया गया है। उत्तराखण्ड संस्कृत अकादमी के द्वारा 13 जनपदों में 13 आदर्श संस्कृत गांव के रूप में फलस्वाडी गांव का चयन किया गया है। इस उपलक्ष में संस्कृत मास के अन्तिम चरण में बुधवार को आदर्श संस्कृत ग्राम फलस्वाडी में संस्कृत भाषा जन जागरूक अभियान चलाया गया।
ब्लॉक के फलस्वाड़ी गांव में ब्रिगेडियर विद्याधर जुयाल संस्कृत विद्यालय भुवनेश्वरी की ओर से विभिन्न गतिविधियों को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। आदर्श संस्कृत ग्राम संयोजक नवीन जुयाल ने बताया कि संस्कृत भाषा विश्व की अनेक भाषाओं की जननी है। साथ ही इसके कई वैज्ञानिक लाभ भी हैं। यहीं कारण है कि आज जर्मन जैसे देशों मे भारी मांग के कारण 14 विश्वविद्यालयों में संस्कृत का अध्ययन करवाया जा रहा है। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा चम्पावत जनपद का भंतोला गांव और चमोली जनपद का किमोठा गांव आदर्श संस्कृत ग्राम घोषित किए जा चुके हैं। इन संस्कृत ग्रामों से बेहतर परिणाम प्राप्त हुए। इसके बाद सरकार ने जनपद स्तर पर भी संस्कृत ग्राम बनाकर संस्कृत का अध्ययन कराने के लिए उनकी स्थापना की। उन्होंने बताया कि जनपद के अन्तर्गत फलस्वाडी ग्राम का चयन होने के बाद लोगों में खासा उत्साह बना हुआ है। इस मौके पर ग्राम प्रधान की अध्यक्षता व संस्कृत ग्रामवासियों की उपस्थिति में आयोजित कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य अनुसुया प्रसाद सुन्द्रियाल ने संस्कृत भाषा की महत्वता व उपयोगिता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में विद्यालय के वरिष्ठ अध्यापक व कार्यक्रम के संयोजक नवीन जुयाल, त्रिपुरेश्वरी जुयाल, सांसद प्रतिनिधि संजय बलूनी आदि ने विचार रखे।

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