बागेश्वर में बारिश से चार मकान ध्वस्त, पीडिघ्तों ने पड़ोसियों के घरों में ली शरण

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बागेश्वर । जिले में हो रही मूसलधार बारिश के कारण चार मकान ध्वस्त हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आवासीय मकानों के आंगन ध्वस्त हो गए हैं। जिससे घरों को भी खतरा बना हुआ है। प्रभावितों ने पड़ोसियों के घरों में शरण ली है। जिला प्रशासन नुकसान का आंकलन करने में जुट गया है। जिला प्रशासन के अनुसार घटनाओं में किसी भी प्रकार की जन और पशुहानि नहीं है।
पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है। जिसके कारण आवासीय घरों पर भी खतरा मंडराने लगा है। भारी बारिश से ढूंगापाटली निवासी कुशाल सिंह पुत्र जैंत सिंह का आवासीय मकान टूट गया है। जिसके कारण परिवार के लोगों ने अन्यत्र शरण ली है। फल्टनियां निवासी देवकी पत्नी हीरा सिंह का मकान ध्वस्त हो गया है। खुनौली निवासी जनार्दन कांडपाल पुत्र नारायण दत्त कांडपाल की गौशाला ध्वस्त हो गई है। कांडा तहसील के दौलीगाड़ निवासी शंकर दत्त पुत्र गंगा दत्त का मकान ध्वस्त हो गया है।
काफलीगैर तहसील के पगना गांव निवासी गोपाल दत्त भट्ट पुत्र हरीश भट्ट का शौचालय, विशन लाल पुत्र नारायण राम के मकान के आंगन की दीवार, आशा देवी पत्नी बहादुर राम के आंगन की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। अतिवृष्टि से चामी निवासी हेम चंद्र पांडे पुत्र भुवन चंद्र पांडे के मकान का आंगन ध्वस्त हो गया है और मकान को खतरा बना हुआ है। मकान ध्वस्त होने पर चार परिवारों ने पड़ोसियों के यहां शरण ली है। जिला आपदा अधिकारी शिखा सुयाल ने कहा कि क्षेत्रीय पटवारी नुकसान का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन प्रभावितों को हरसंभव मदद कर रहा है। बारिश के फायदे भी हैं नुकसान भी। एक तरफ धान आदि फसल के लिए, भूगर्भ रीचार्ज के लिए बेहतर है। वहीं दूसरी तरफ पहाड़ में बारिश से बहुत नुकसान हो रहा है। भूस्खलन व पत्थरों के गिरने से आवागमन बाधित हो रहा है। लोगों के मकान ढह रहे हैं। इससे लोगों को खासी परेशानी हो रही है। विभाग क्षतिपूर्ति के लिए आंकलन में जुट गया है, जिससे उन्हों दोबारा से बेहतर जिंद्गी शुरू करने का मौका मिले।

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