लंबी दूरी की बसों ने बढ़ाई रोडवेज की आमदनी

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। कोरोना काल में आमदनी के मामले में बेपटरी हुई रोडवेज की बसें अब फर्राटा भरने लगी हैं। रोडवेज की आमदनी को लंबी दूरी की बसों ने बढ़ा दिया है। हालांकि लोकल में चल रही बसों से रोडवेज को खास लाभ नहीं हो पा रहा है।
उत्तराखण्ड परिवहन निगम के सबसे महत्वपूर्ण कोटद्वार डिपो के बेडे में सरकारी व अनुबंधित सहित कुल 71 बसें है। मार्च तक कोटद्वार डिपो को प्रतिदिन करीब आठ से दस लाख रूपये की आमदनी होती थी। कोरोना संक्रमण बढ़ने के बाद रोडवेज की सेवा ठप हो गई। सरकार जब राज्य में बसों को चलाने की अनुमति दी तो कुछ खास आय नहीं हुई। 70 से 90 हजार रुपये बमुश्किल एक दिन में आय होती थी। जिससे रोडवेज को फायदा की जगह नुकसान हो रहा था। पिछले दिनों शासन से अन्तर्राज्यीय परिवहन की अनुमति और मुख्यालय से आदेश प्राप्त होने के बाद डिपो प्रशासन ने 30 सितम्बर से दिल्ली मार्ग पर बसों का संचालन शुरू कर दिया है। दिल्ली मार्ग पर अभी दस बसों का संचालन किया जा रहा है। दिल्ली मार्ग पर बसों का संचालन होने से डिपो की आय भी बढ़ गई है। डिपो प्रशासन का कहना है कि दिल्ली मार्ग पर यात्रियों की संख्या बढ़ने पर और बसें लगाई जाएगी। कोटद्वार रोडवेज डिपो के एआरएम टीकाराम आदित्य ने बताया कि गत गुरूवार को पर्वतीय व मैदानी मार्ग पर बसों के संचालन से डिपो को 1 लाख, 74 हजार 7 सौ रूपये की आय हुई है। पूर्व में राज्य में बस का संचालन होने से डिपो को 80 से 90 हजार रूपये की आय हो रही थी। दिल्ली मार्ग पर बसों का संचालन होने से डिपो की आय बढ़ी है। एआरएम ने बताया कि शुक्रवार को दिल्ली मार्ग पर संचालित पहली बस में 15, दूसरी बस में सात, तीसरी बस में 21, चौथी और पांचवी बस में 25-25 यात्रियों ने सफर किया।

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