भरतपुर, एजेंसी। डीग तहसील में भरतपुर-अलवर राजमार्ग के पास ग्रामीण पिछले 16 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। कुछ दिन पहले ग्रामीणों ने अलवर-भरतपुर राजमार्ग पर जाम भी लगाया था। बुधवार को ग्रामीणों ने भू समाधि ले ली है। राजमार्ग के पास ग्रामीणों ने 51 गड्ढे खोदे हैं। जिनमें ग्रामीण भू समाधि लेकर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी है कि जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होंगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ी तो रेल मार्ग को भी जाम करेंगे।
डीग पंचायत समिति की 9 ग्राम पंचायतों को परिसीमन कर सीकरी और नगर पंचायत समिति में जोड़ने का काम राजस्थान सरकार द्वारा किया जा रहा है। लेकिन ग्रामीण परिसीमन का विरोध करते हुए 16 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के इसी कड़ी में ग्रामीणों ने भू समाधि शुरू की है। इसके तहत ग्रामीणों ने 51 गड्ढे खोड़ हैं जिनमे दिन और रात अलग-अलग तरीके से ग्रामीण बदलते रहेंगे और वह भू समाधि लेते रहेंगे। आंदोलनरत इन ग्रामीणों ने विगत 29 जून को अलवर-भरतपुर मार्ग जाम कर आंदोलन की शुरुआत की थी।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता नेम सिंह ने कहा कि डीग पंचायत समिति की 9 ग्राम पंचायतों को सीकरी और नगर पंचायत समिति में जोड़ने का काम राजस्थान सरकार कर रही है। जिसका उद्देश्य एक समुदाय विशेष के लोगों को फायदा पहुंचाना है।
यदि परिसीमन होता है तो आज जो ग्रामीण नजदीक के जिस थाना या सरकारी कार्यालय में आते हैं वो उनसे दूर हो जाएंगे। क्योंकि ग्रामीणों के लिए सीकरी और नगर काफी दूर पड़ेगा। सरकार ने सीकरी को पंचायत समिति बनाया है। डीग की 9 पंचायतों को तोड़कर परिसीमन किया जा रहा है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि यह परिसीमन किसी भी हालत में नहीं होने दिया जाएगा। चाहे ग्रामीणों को किसी भी स्तर पर बड़ा आंदोलन करना पड़े। फिलहाल ग्रामीण गांधीवादी तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। अगर सरकार ग्रामीणों को उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर करती है तो हम उग्र आंदोलन करेंगे। नगर पंचायत समिति में 3 पंचायत जोड़ी गई हैं बाकी 6 पंचायत सीकरी में जोड़ी गईं हैं जो गलत है।