नगर निगम ने की रिफ्यूजी कॉलोनियों को मालिकाना हक देने की तैयारी

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार। वर्षों से शासन-प्रशासन की उपेक्षा का दंश झेल रहे रिफ्यूजी कॉलोनी वालों की मुराद शायद अब पूरी हो जाए। नगर निगम बोर्ड की बैठक में रिफ्यूजी कॉलोनी में विगत कई सालों से निवास करने वाले लोगों को मालिकाना हक प्रदान करने के लिए प्रस्ताव पारित कर शासन को भेजने की तैयारी की जा रही है, पार्षद कविता मित्तल ने उक्त प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में रखा था जिसे ध्वनि मत से पारित कर लिया गया है।
बताते चलें कि भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के दौरान जो लोग भारत आ गए थे, उनको आशियाना प्रदान करने के लिए केंद्र सरकार ने देश के अन्य स्थानों के साथ ही कोटद्वार में भी रिफ्यूजी कॉलोनी के नाम से पचास क्वार्टर बनाकर उन्हें शरण दी थी। उस समय इन क्वार्टरों में निवास करने वालों के लिए नगर पालिका द्वारा संयुक्त शौचालय के निर्माण भी किए गए थे। लेकिन सात दशक बीतने और रहन-सहन बदलने के बावजूद रिफ्यूजी कॉलोनी में रहने वाले लोग सामान्य सुविधाओं से वंचित हैं। वर्ष 2016 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी के प्रयासों से इस कॉलोनी को सीवरेज लाइन से जोड़कर उनकी परेशानियों को कुछ हद तक कम करने का प्रयास किया गया, लेकिन जीर्ण क्षीर्ण हो चुके इन क्वाटरों को ठीक करवाने की जहमत किसी नहीं उठाई। देश के कुछ स्थानों पर ऐसी कॉलोनी में रहने वालों को मालिकाना हक दे दिया गया है। शुक्रवार को वार्ड नं. 15 की पार्षद कविता मित्तल ने नगर निगम की बैठक में यहां रहने वाले लोगों को मालिकाना हक दिलाने का प्रस्ताव रखा था, जिसे बोर्ड की बैठक में पारित कर शासन को भेजने की तैयारी की जा रही है।

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