प्राचीन ग्रंथों का खजाना और कई विद्याओं का स्रोत है नक्षत्र वेधशालार: चंद्रा

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नई टिहरी। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने तीर्थनगरी देवप्रयाग में गंगा पूजन, भगवान रघुनाथ का दर्शन कर नक्षत्र वेधशाला का भ्रमण किया। भ्रमण के मौके पर उन्होंने इस धरोहर को बचाकर देश के हर नागरिक तक यह ज्ञान पहुंचाए जाने की इच्छा भी जताई। भ्रमण में उनकी धर्मपत्नी नीलू चंद्रा भी उनके साथ थी।

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सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा देवप्रयाग भ्रमण पर पहुंचे। बदरीनाथ तीर्थ पुरोहित समाज की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त का स्वागत किया गया। अलकनंदा भागीरथी संगम पर देश-दुनिया की सुख शांति के लिए उन्होंने मां गंगा का पूजन किया। साथ ही भगवान रघुनाथ मन्दिर की सीढ़ियों से ही दर्शन पूजन किया। मुख्य चुनाव आयुक्त पैदल चढ़कर 2123 फीट स्थित नक्षत्र वेधशाला भी पहुंचे। यहां संग्रहित प्राचीन धरोहर को देख मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि 1946 में स्व़ आचार्य चक्रधर जोशी द्वारा स्थापित देश की सबसे पुरानी वेधशाला महत्वपूर्ण प्राचीन ग्रंथों का खजाना है, जो हमारे प्राचीन ज्योतिष और अन्य विद्याओं के स्रोत हैं। उन्होंने इस धरोहर को बचाकर देश के हर नागरिक तक यह ज्ञान पहुंचाए जाने की इच्छा भी जताई। ज्योतिष का ज्ञान रखने वाले मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने यहां स्व़ आचार्य जोशी द्वारा निर्मित देश के प्रथम राष्ट्रपति ड़ राजेंद्र प्रसाद की जन्म कुंडली का भी विश्लेषण किया। साथ ही प्राचीन भृगु संहिता, सन 1620 की वास्तु शिरोमणि, प्रदीप रामायण, एक पृष्ठ पर अंकित गीता, पीपल के पत्तों पर बनी कला तियां, सूर्य घटी, जल व धुव्र घटी सहित विदेशी दूरबीनों का निरीक्षण भी किया। संस्था प्रमुख आचार्य भास्कर जोशी ने शल ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। तीर्थ पुरोहित श्रीकांत बडोला, रजनीश मोतिवाल, शुभ्रांशु जोशी ने उनसे गंगा पूजन आदि करवाया। इस मौके पर एसडीएम कीर्तिनगर सोनिया पंत, एसडीएम देहरादून आकांक्षा वर्मा, तहसीलदार देवप्रयाग मानवेन्द्र बर्थवाल, तहसीलदार कीर्तिनगर सुनील राज आदि मौजूद रहे।

 

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