ऋषिकेश। एम्स में सीनियर नर्सिंग अधिकारियों (एसएनओ) की सहायक नर्सिंग अधीक्षक (एएनएस) के पद पर अस्थायी पदोन्नति के विरोध में चल रहे आंदोलन के संबंध में एम्स प्रशासन की ओर से सख्त रुख अपनाया गया है।
प्रशासन ने नर्सिंग अधिकारियों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए भूख हड़ताल तत्काल समाप्त करने और बिना देरी नियमित ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि सेवा नियमों और वैध प्रशासनिक आदेशों का उल्लंघन करने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीनियर प्रशासनिक अधिकारी गौरव भारद्वाज की ओर से मुख्य नर्सिंग अधिकारी (सीएनओ) को जारी पत्र में कहा गया है कि पूर्व में कई परामर्श और निर्देश दिए जाने के बावजूद कुछ कर्मचारी आंदोलन में शामिल हैं। यह आंदोलन 10 अक्तूबर को जारी कार्यालय आदेश के तहत एसएनओ की एएनएस पद पर अस्थायी पदोन्नति के विरोध में किया जा रहा है।पत्र में प्रशासन ने कहा कि कर्मचारियों की शिकायतों पर संवाद, विचार-विमर्श और लागू नियमों के तहत विचार करने के प्रयास किए गए हैं। संस्थान कर्मचारियों की जायज मांगों पर निर्धारित प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार विचार करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, मरीजों की देखभाल, अस्पताल के सुचारु संचालन और संस्थागत अनुशासन को ध्यान में रखते हुए आंदोलन समाप्त कर काम पर लौटना आवश्यक है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारी अपनी शिकायतों के समाधान के लिए सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रत्यावेदन देने या उचित न्यायिक मंच का सहारा लेने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन हड़ताल, अनधिकृत अनुपस्थिति या अस्पताल के कामकाज में बाधा डालने जैसी गतिविधियां लागू सेवा नियमों के दायरे में कार्रवाई का कारण बन सकती हैं।