राष्ट्रीय स्तर पर बताई बिच्छू घास की उपयोगिता

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जयन्त प्रतिनिधि।
श्रीनगर गढ़वाल। कीर्तिनगर विकासखंड के राजकीय इंटर कॉलेज मंजाकोट के बाल वैज्ञानिक किशन सिंह बिष्ट ने वर्चुअल माध्यम से 29 वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया। इस मौके पर उन्होंने बिच्छू घास पर आधारित परियोजना को प्रस्तुत कर इसे रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बताया।
छात्र के मार्गदर्शक शिक्षक डा. अशोक कुमार बडोनी ने बताया कि कोरोना संकट के चलते इस वर्ष बाल विज्ञान कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन गुजरात विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की मेजबानी में वर्चुअल माध्यम से किया गया। 15 फरवरी से शुरू हुए 29वीं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस का शुक्रवार को समापन हुआ। इस कार्यक्रम में प्रदेश से चयनित 16 बाल वैज्ञानिकों ने प्रतिभाग किया। जिसका उद्घघाटन गुजरात के मुख्यमंत्री एवं विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्री द्वारा किया गया था। चार दिवसीय राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में देश भर से बाल वैज्ञानिकों द्वारा अपनी-अपनी शोध परियोजनाओं को रखा गया। जीआईसी मंजाकोट के कक्षा छह के छात्र किशन सिंह बिष्ट द्वारा बिच्छू घास पर आधारित परियोजना को प्रस्तुत किया गया। जिसमें स्थानीय स्तर पर बिच्छू घास की उपयोगिता व इसको रोजगार से जोड़ने के लिए आंकड़ों के माध्यम से समझाया गया। छात्र की इस परियोजना को निर्णायकों द्वारा काफी सराहा गया। डा. बडोनी ने बताया कि यदि बिच्छू घास पर आधारित उद्योग उत्तराखंड में शुरू किया जाय तो इससे स्थानीय बेरोजगार युवकों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। इस उपलब्धि पर विद्यालय के प्रधानाचार्य व शिक्षकों द्वारा छात्र व मार्गदर्शक शिक्षक को बधाई दी।

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