लोक के बीच से ही निकलते हैं मेरे गीत : नेगीदा

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देहरादून। उत्घ्तराखण्घ्ड के मोहम्घ्मद रफी कहे जाने वाले लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित होने के बाद दून में पहला सार्वजनिक कार्यक्रम हुआ।
उत्तरांचल प्रेस क्लब में रविवार दोपहर को नेगीदा से संवाद कार्यक्रम में नेगी दा ने अपने पांच दशक लंबे संगीत यात्रा से जुड़े अनुभव के बारे में बताया, उन्होंने कहा कि उनके गीत लोक के बीच में से ही निकले हैं। जो उन्होंने महसूस किया। उन्हें अपने गीतों में उतारने का प्रयास किया है। उन्होंने उत्तराखंड वासियों को अपने गांव से जुड़ाव बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि गांव यदि खत्म हो गए तो संस्ति का खत्म होना निश्चित है। गांव ही हमारी संस्ति का आधार है।

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