जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से खनन सचिव को लेकर दिए गए बयान का शैलशिल्पी विकास संगठन ने विरोध किया है। कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री को अनुसूचित जाति के लोगों से माफी मांगनी चाहिए। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष विकास कुमार आर्य ने कहा कि कुछ दिन पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोकसभा में प्रदेश की विभिन्न नदियों में हो रहे अवैध खनन का मुद्दा उठाया था। इस संबंध में जब मीडिया ने खनन सचिव वृजेश कुमार संत से सवाल पूछे तो उन्होंने अवैध खनन की बात से इंकार किया। बताया कि इसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री ने खनन सचिव वृजेश कुमार संत को लेकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया। बताया कि वृजेश कुमार संत अनुसूचित जाति से आते हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति के लोगों का अपमान किया है। इसके लिए उन्हें जनता से माफी मांगनी चाहिए।