उत्तरकाशी। धौंतरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत जालंग गांव के लिए वर्ष 1989 में वन विभाग की ओर कमद-अयांराखाल मोटर मार्ग से जालंग तक तीन किमी सड़क का निर्माण किया गया था लेकिन मरम्मत नहीं होने अब यह सड़क बदहाल पड़ी है। इससे ग्रामीणों को पांच किमी पैदल आवाजाही करनी पड़ रही है।
ग्राम प्रधान गीता राणा ने बताया कि ग्रामीणों की मांग पर सड़क को लोनिवि को हस्तांतरित करने के लिए वन विभाग सहित राजस्व विभाग व लोनिवि के अधिकारियों ने इस पर कुछ समय पूर्व कार्रवाई शुरू की। इसके तहत सिरी के समीप करीब ढाई हेक्टेयर वन विभाग को हस्तांतरित होने के बाद तीन किमी सड़क लोनिवि के अधिकार क्षेत्र में आनी थी लेकिन तीनों विभागों के अधिकारियों ने स्थलीय निरीक्षण न कर सिरी के समीप भूमि को हस्तांतरण के लिए प्रस्तावित कर दिया।
उसके बाद जब फाइल उच्च अधिकारियों तक पहुंची तो वहां पर तकनीकी सहित स्थलीय निरीक्षण किया गया तो उस सिविल भूमि पर स्थानीय लोगों के खेत सहित गोशालाएं बनी थी।
उसके बाद वन मुख्यालय की ओर से इसे निरस्त कर दिया गया। ग्रामीण सरिता राणा, गीता राणा, कैलाशी देवी, भागा देवी, भगवान सिंह का कहना है कि विभागों की लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतान पड़ रहा है। इसलिए अगर प्रशासन जल्द ही सड़क हस्तांतरण की प्रक्रिया पर उचित कदम नहीं उठाता है तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।