चमोली। कांसुवा के पास क्योंड गांव में महिला पर गुलदार के हमले के बाद से ग्रामीण दहशत में हैं। गांव के गोविंद लाल ने बताया कि शनिवार दोपहर को पत्नी मधुली देवी गुलदार के हमले में बाल-बाल बची लेकिन गुलदार के नाखून उसके पैर में लगे। इस घटना से क्योंड, बूंगा, कंड, तलोंजा, पंया आदि गांवों में गुलदार की दहशत है।
पूर्व जिपंस कलम कोहली और ग्रामीण भरत लाल ने बताया कि आजकल उत्तराखंड की बोर्ड परीक्षाओं के लिए छात्र-छात्राओं को क्योंड गांव से चार किमी की दूरी जंगल के रास्तों से पैदल तय करके जीआईसी कांसुवा जाना पड़ता है। इससे नौनिहालों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता है। उन्होंने शासन-प्रशासन और वन विभाग से गुलदार की दहशत से निजात दिलाने की मांग की। वहीं वन दरोगा त्रिलोक सिंह नेगी ने बताया कि विभागीय टीम क्योंड और आसपास के गांवों में लगातार गश्त कर रही है। पिंजरा लगाने के लिए उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।