इस्लामाबाद, पंजाब के तरनतारन जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की कार्रवाई में दो संदिग्ध पाकिस्तानी घुसपैठियों के मारे जाने के बाद पाकिस्तान ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस मामले में इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के प्रभारी राजदूत को तलब कर औपचारिक आपत्ति जताई। पाकिस्तान ने दावा किया कि मारे गए दोनों व्यक्ति आम नागरिक थे और वे भारत में घुसपैठ की कोशिश नहीं कर रहे थे।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि दो पाकिस्तानी नागरिकों की मौत के विरोध में भारतीय प्रभारी राजदूत को विदेश मंत्रालय बुलाया गया। मंत्रालय ने आरोप लगाया कि सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने बिना किसी उकसावे के निहत्थे आम नागरिकों पर जानलेवा हमला किया। पाकिस्तान ने इस कार्रवाई को अनुचित और अत्यधिक बल प्रयोग बताते हुए कहा कि इससे दो लोगों की जान चली गई।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने मारे गए लोगों को घुसपैठिया बताए जाने के किसी भी प्रयास को पूरी तरह खारिज किया। मंत्रालय का कहना है कि दोनों पाकिस्तानी नागरिक थे और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई उचित नहीं थी।
वहीं, भारतीय पक्ष के अनुसार, घटना शुक्रवार दोपहर पंजाब के तरनतारन जिले में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हुई। तरनतारन के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) भिखीविंड अतुल सोनी के मुताबिक, तीन संदिग्ध व्यक्ति पाकिस्तानी सीमा की ओर से भारत की सीमा में आगे बढ़ रहे थे। सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने उन्हें रुकने के लिए चेतावनी दी।
पुलिस के अनुसार, चेतावनी मिलने के बाद तीन में से एक व्यक्ति पाकिस्तान की ओर वापस लौट गया, जबकि दो अन्य संदिग्ध लगातार भारतीय सीमा की ओर बढ़ते रहे। बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद जब दोनों ने आगे बढ़ना जारी रखा, तो सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने गोलीबारी की। इस कार्रवाई में दोनों संदिग्धों की मौत हो गई।
घटना में एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की भी सूचना है। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से घटना की परिस्थितियों और मारे गए लोगों की पहचान को लेकर जांच की जा रही है। इस घटना को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर सीमा सुरक्षा तथा कथित घुसपैठ को लेकर आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं।