आस्था के नाम पर जिंदगी के साथ खिलवाड़

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– सवारियों को ठूसकर शहर की सड़कों पर खुलेआम दौड़ते रहती हैं ट्रैक्टर ट्रॉलियां
-पुलिस व परिवहन विभाग भी नहीं देता ध्यान, कोई हादसा हो जाए तो कौन होगा जिम्मेदार
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराने को लेकर परिवहन विभाग व पुलिस की ओर से कई अभियान चलाने का दावा किया जाता है। लेकिन, कोटद्वार की सड़कों पर इन दावों की पोल तब खुल जाती है जब खुलेआम ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सवारियों को ठूसकर ले जाया जाता है। यह ट्रैक्टर ट्रॉलियां सवारियों को ले जाने के लिए अधिकृत भी नहीं हैं, लेकिन उसके बावजूद विभाग इन पर कोई कार्रवाई नहीं करता है। हालांकि, चिंता की बात यह नहीं कि ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सवारियां भरकर ले जाई जा रही हैं। बल्कि चिंता का विषय यह है कि ट्रैक्टर ट्रॉलियों में इस तरह सवारियां ठूसकर ले जाई जाती हैं कि एक छोटी सी गलती कई लोगों की मौत का कारण बन सकती है।
कोटद्वार में सिद्धबाबा के दर्शन को बिजनौर, नजीबाबाद समेत अन्य क्षेत्रों से लोग भारी संख्या में उमड़कर आते हैं। वीकेंड पर यह भीड़ भी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। ऐसे में बिजनौर, नजीबाबाद से कई ट्रैक्टर चालक मुनाफे के चक्कर में सवारियों को ट्रॉलियों में भरकर यहां पहुंच जाते हैं। इन ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सवारियों को इस कदर ठूसा जाता है कि एक छोटे से गड्ढे में भी ट्रैक्टर ट्रॉली उछली तो सवारियां पलट कर नीचे गिर जाएंगी। हर रविवार को ट्रैक्टर ट्रॉलियों में छोटे-छोटे बच्चों समेत महिलाओं को सफर करते हुए आसानी से देखा जा सकता है। ऐसा नहीं है कि यह ट्रैक्टर ट्रॉलियां छुपकर सफर करती हैं, बल्कि कौड़िया चेकपोस्ट से होकर आने के बाद भी इन ट्रैक्टर ट्रॉलियों को पुलिस व परिवहन विभाग द्वारा नहीं रोका जाता है। जिससे सवारियों से भरी यह ट्रैक्टर ट्रॉली खुलेआम कोटद्वार की मुख्य सड़कों पर दौड़ती रहती हैं और कई लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करती रहती है।

सड़क पर वाहन चलाने का भी नहीं होता है अनुभवन
अधिकांश ट्रैक्टर ट्रॉलियों के चालकों को सड़क पर वाहन चलाने का अनुभव भी नहीं होता है, इन्होंने सिर्फ खेतों में ही ट्रैक्टर चलाए हुए होते हैं। ऐसे में इनती सवारियों को लेकर सड़क पर चलना गंभीर साबित हो सकता है। इन ट्रैक्टरों की रफ्तार भी इतनी अधिक होती है कि यह अपने आगे चल रहे वाहनों को भी नहीं दखते हैं। जिससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।

ट्रैक्टर ट्रॉलियों में सवारियों को भरकर ले जाने पर रोक लगाने को कौड़िया चेकपोस्ट पर विशेष सख्ती बरती जा रही है। इन ट्रैक्टर चालकों को सड़क पर वाहन चलाने का अनुभव भी नहीं होता है, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। इसी बात को ध्यान में रखकर विशेष सतर्कता बरतते हुए सवारियों को कौड़िया चेकपोस्ट पर ही उतार दिया जाता है। हालांकि, इस पर परिवहन विभाग उचित कार्रवाई कर सकता है।
विजय सिंह, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक, कोटद्वार

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