पीएम मोदी बोले, कच्छ की महिलाओं ने पूरे समाज को कठोर प्रातिक चुनौतियों के बीच जीना सिखाया

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नई दिल्ली एजेंसी। आठ मार्च को सारा देश अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मना रहा है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से कच्छ में महिला संत शिविर में एक संगोष्ठी में हिस्सा लिया। वर्चुअल कार्यक्रम में हिस्सा लेते हुए पीएम मोदी ने कहा कि मैं आप सभी को अंतराष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देता हूं। इस अवसर पर आप सभी महिला संतो द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मैं आप सभी का अभिनंदन करता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि कच्छ की जिस धरती पर आपका आगमन हुआ है वो सदियों से नारी शक्ति और सामर्थ्य की प्रतीक रही है। यहां मां आशापुरा स्वंय मातृ शक्ति के रूप में विराजति हैं। यहां की महिलाओं ने पूरे समाज को कठोर प्रातिक चुनौतियों के बीच जीना सिखाया है और जीतना भी सिखाया है।
उन्होंने कहा कि कच्छ की महिलाओं ने अपने अथक परिश्रम से कच्छ की सभ्यता और संस्ति को भी जीवंत रखा है। कच्छ के रंग विशेष रूप से यहां का हैंडीक्राफ्ट इसका बड़ा उदाहरण है। ये कलाएं और ये कौशल पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है।
कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम ने कहा कि बेटे-बेटी को एक समान मानते हुए सरकार बेटियों के विवाह की आयु को 21 वर्ष करने का भी प्रयास कर रही है। आज देश सेनाओं में भी बेटियों को बड़ी भूमिकाओं को बढ़ावा दे रहा है, सैनिक स्कूलों में बेटियों के दाखिले की शुरुआत हुई है।
पीएम मोदी ने कहा कि हमने मातृत्व अवकाश को 12 हफ्तों से बढ़ाकर 26 हफ्ते किया है। हमने वर्क प्लेस पर महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कानून बनाए हैं। दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराधों पर फांसी जैसी सजा का भी प्रावधान किया है।
वर्चुअल कार्यक्रम में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश की बहनें-बेटियां आगे बढ़ सकें और अपने सपने पूरे कर सकें। इसके लिए सरकार उन्हें आर्थिक मदद भी दे रही है। ‘स्टैंडअप इंडिया’ के तहत 80 प्रतिशत से ज्यादा लोन महिलाओं के नाम पर हैं। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि मुद्रा योजना के तहत करीब 70 प्रतिशत लोन हमारी बहनों-बेटियों को दिए गए हैं। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने महिलाओं से आग्रह करते हुए कहा कि जैसे कि कुपोषण के खिलाफ देश में जो अभियान चल रहा है, उसमें आप बहुत बड़ी मदद कर सकती हैं।

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